Bihar News: नौकरी से हटाए जाने पर भड़के अमीन, सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी

बिहार में राजस्व अमीनों की हड़ताल को लेकर सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार ने हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों को उनके सभी दायित्वों से मुक्त करने का आदेश जारी किया है। इसके बावजूद अमीन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

Bihar News: नौकरी से हटाए जाने पर भड़के अमीन, सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी
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Bihar Amin Strike: बिहार में राजस्व अमीनों की हड़ताल को लेकर सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार ने हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों को उनके सभी दायित्वों से मुक्त करने का आदेश जारी किया है। इसके बावजूद अमीन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। बिहार राजस्व अमीन संघ ने सरकार की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है।

संघ ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से सेवामुक्ति और ई-मापी पोर्टल पर आईडी निष्क्रिय करने की कार्रवाई दमनकारी है। अमीनों का कहना है कि सरकार की ओर से ट्रांसफर-पोस्टिंग और निलंबन की धमकियों से आंदोलन खत्म नहीं होगा। जब तक उनकी न्यायसंगत मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। संघ ने सरकार से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने की मांग की है।

हड़ताली अमीनों की जगह होगी नई प्रतिनियुक्ति

दरअसल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही 24 घंटे के भीतर उनके डोंगल निष्क्रिय करने को कहा गया है। विभाग के अपर सचिव अमित कुमार पाण्डेय ने बुधवार को इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया।

आदेश के मुताबिक, हड़ताली कर्मचारियों की जगह विशेष सर्वेक्षण अमीनों की आनुपातिक आधार पर प्रतिनियुक्ति की जाएगी। जिलाधिकारियों को 5 नवंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

सात दिनों तक मिलेगा ऑनलाइन प्रशिक्षण

प्रतिनियुक्त विशेष सर्वेक्षण अमीनों को मुख्यालय स्तर से सात दिनों तक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक कार्यदिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होगी। इस दौरान अमीन अंचलाधिकारी की निगरानी में दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस और राजस्व से जुड़े अन्य कार्य भी करेंगे।

हालांकि, सरकार की सख्ती के बावजूद अमीनों के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में हड़ताल और तेज होने की आशंका है।