कुदरत का करिश्मा! किशनगंज में महिला ने एक साथ इतने बच्चों को दिया जन्म लोग हैरान...

बिहार के किशनगंज में एएस अस्पताल में एक महिला ने एक साथ 4 बच्चों (2 लड़के और 2 लड़कियां) को जन्म दिया है। सालों के इंतजार के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। पढ़ें पूरी खबर।

कुदरत का करिश्मा! किशनगंज में महिला ने एक साथ इतने बच्चों को दिया जन्म लोग हैरान...
मां और चारों बच्चे बिल्कुल सुरक्षित और सामान्य हैं।
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बिहार के किशनगंज शहर स्थित 'एएस अस्पताल' से एक बेहद दुर्लभ, सुखद और अद्भुत मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला ने एक साथ चार बच्चों (2 लड़के और 2 लड़कियां) को जन्म दिया है। शादी के लंबे समय बाद संतान सुख का इंतजार कर रहे परिवार के लिए यह किसी बड़े कुदरती वरदान से कम नहीं है।इस अनोखी घटना की खबर मिलते ही परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और आसपास के इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। मां और चारों नवजात शिशु पूरी तरह से स्वस्थ बताए जा रहे हैं।

सालों का इंतजार खत्म: इलाज के बाद मिली चार गुना खुशी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बहादुरगंज प्रखंड के बिरनिया गांव की रहने वाली इस्मत आरा का विवाह कई वर्ष पूर्व हुआ था, लेकिन लंबे समय तक उन्हें संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ। इस्मत आरा ने बताया कि वे मातृत्व सुख पाने के लिए लगातार चिकित्सकों से परामर्श ले रही थीं और इलाज करा रही थीं। काफी संघर्ष और लंबे इंतजार के बाद जब वे गर्भवती हुईं, तो परिवार में उम्मीद जगी। लेकिन जब प्रसव के बाद एक साथ चार-चार मासूमों की किलकारियां गूंजीं, तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

"विवाह के कई वर्षों तक जब बच्चे नहीं हुए, तो हम बहुत निराश हो चुके थे। लगातार डॉक्टरों की देखरेख में इलाज कराया और आज ईश्वर ने हमारी झोली एक साथ चार बच्चों (दो बेटा और दो बेटी) से भर दी।"  - इस्मत आरा (नवजातों की मां)

एएस अस्पताल की संचालक और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरैया तरन्नुम ने बताया कि ऐसे मामले  काफी संवेदनशील और जोखिम भरे होते हैं। हालांकि, अस्पताल की मेडिकल टीम की सतर्कता और कुशल देखभाल के चलते सफल प्रसव कराया गया।

  • मां और चारों बच्चे बिल्कुल सुरक्षित और सामान्य हैं।
  • एहतियात के तौर पर चारों शिशुओं और मां को डॉक्टरों की विशेष निगरानी में रखा गया है।

एक साथ चार-चार बच्चों के जन्म की खबर जैसे ही फैली, पूरे बहादुरगंज और किशनगंज शहर में यह चर्चा का विषय बन गई। स्थानीय लोग इसे कुदरत का करिश्मा और ईश्वर का विशेष आशीर्वाद मान रहे हैं। अस्पताल परिसर में परिजनों और शुभचिंतकों का जमावड़ा लगा हुआ है जो परिवार को बधाई दे रहे हैं।