Bihar Ayushman Card: बिहार में आयुष्मान कार्ड निर्माण को मिलेगी रफ्तार,घर-घर जाकर बनाए जाएंगे कार्ड
बिहार सरकार ने आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए नई पहल शुरू की है। अब चयनित प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से घर-घर जाकर पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाएंगे, जिससे योजना का लाभ वंचित परिवारों तक आसानी से पहुंचेगा।
Bihar Ayushman Card:बिहार सरकार ने आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत लाभार्थियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। राज्य में आयुष्मान कार्ड निर्माण की धीमी प्रक्रिया को तेज करने के लिए अब सरकार प्राइवेट एजेंसियों के जरिए घर-घर जाकर कार्ड बनवाएगी, जिससे वंचित परिवारों तक योजना का लाभ सीधे पहुंचेगा।

बिहार में आयुष्मान कार्ड निर्माण को लेकर सरकार ने एक नई और प्रभावी पहल की शुरुआत की है। अब तक जिन लाभार्थियों को जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया और दस्तावेज़ी परेशानियों के कारण आयुष्मान कार्ड नहीं मिल सका था, उन्हें घर बैठे यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार द्वारा चयनित प्राइवेट एजेंसियों के कर्मचारी पात्र लाभार्थियों की पहचान कर मौके पर ही जरूरी कागजात पूरे करेंगे और आयुष्मान कार्ड जारी करेंगे।
इस कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए राज्य को उत्तर, दक्षिण और मध्य बिहार—तीन हिस्सों में बांटा गया है। आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में इस योजना के तहत लगभग 1.69 करोड़ परिवार और 8.45 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं, लेकिन अब तक केवल 4.12 करोड़ कार्ड ही बन पाए हैं। यानी करीब 50 प्रतिशत लोग अभी भी इस योजना के लाभ से वंचित हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि एक भी पात्र लाभार्थी आयुष्मान योजना से बाहर न रहे। इसके साथ ही राज्य में 725 निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों तथा 433 सरकारी अस्पतालों को योजना से जोड़ा गया है, जहां लाभार्थियों को कैशलेस इलाज और सालाना पांच लाख रुपये तक की मुफ्त चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे आयुष्मान योजना का लाभ अब व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचेगा।
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