Bihar Teacher News: म्यूचुअल ट्रांसफर क्या है? BPSC शिक्षक क्यों कर रहे हैं पारस्परिक स्थानांतरण की मांग? जानिए नियम, प्रक्रिया और शिक्षकों को मिलने वाले फायदे
बिहार में सरकारी शिक्षक म्यूचुअल ट्रांसफर की दोबारा शुरुआत की मांग कर रहे हैं। यह व्यवस्था समान पद और विषय वाले दो शिक्षकों को आपसी सहमति से स्थान बदलने की अनुमति देती है। शिक्षा मंत्री के बयान के बाद उम्मीद है कि सरकार इस पर जल्द फैसला ले सकती है।
Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी शिक्षक एक बार फिर म्यूचुअल ट्रांसफर यानी पारस्परिक स्थानांतरण की मांग को लेकर चर्चा में हैं। बजट सत्र के दौरान विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने संकेत दिया कि राज्य सरकार म्यूचुअल ट्रांसफर की व्यवस्था पर दोबारा विचार कर रही है। इसके बाद से ही बीपीएससी शिक्षकों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही यह प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है।दरअसल, बिहार के हजारों शिक्षक वर्षों से अपने गृह जिले या नजदीकी क्षेत्र में पोस्टिंग के लिए प्रयासरत हैं। पारिवारिक जिम्मेदारियों, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी कारणों से दूर-दराज के जिलों में तैनात शिक्षकों के लिए म्यूचुअल ट्रांसफर एक व्यवहारिक समाधान माना जाता है।
म्यूचुअल ट्रांसफर क्या है?
म्यूचुअल ट्रांसफर वह प्रक्रिया है, जिसमें समान पद, समान कैडर, समान योग्यता और एक ही विषय वाले दो सरकारी शिक्षक आपसी सहमति से अपने कार्यस्थल की अदला-बदली करते हैं। यह स्थानांतरण पूरी तरह विभागीय नियमों के अंतर्गत होता है और इसके लिए शिक्षा विभाग की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होती है। पहले बीपीएससी शिक्षकों को यह सुविधा दी गई थी, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया, जिसके बाद शिक्षकों की नाराजगी सामने आई।
म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया
जब दो शिक्षक स्वेच्छा से यह तय करते हैं कि वे एक-दूसरे के विद्यालय या जिले में स्थानांतरण चाहते हैं, तो वे संबंधित विभाग में आवेदन करते हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन शिक्षकों के लिए उपयोगी है, जो व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों से अपने घर के पास कार्यस्थल चाहते हैं।
म्यूचुअल ट्रांसफर के मुख्य नियम
विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, दोनों शिक्षकों का पद और श्रेणी समान होना जरूरी है। उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर विषय भी एक ही होना चाहिए। दोनों पक्षों को आपसी सहमति का शपथ पत्र देना होता है। अंतर-जिला म्यूचुअल ट्रांसफर की स्थिति में शिक्षक की वरिष्ठता नए जिले में सूची के अंतिम पायदान पर दर्ज की जाती है।
आवेदन प्रक्रिया और फायदे
म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए औपचारिक प्रार्थना पत्र देना होता है, जिसमें वर्तमान पदस्थापन, मानव संपदा आईडी और सहमति का उल्लेख रहता है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस व्यवस्था को पारदर्शी और नियमित बनाया जाए, तो इससे न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी बल्कि शैक्षणिक गुणवत्ता और कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
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