शिक्षक भर्ती को लेकर उबाल: BPSC TRE-4 नहीं आया तो 16 फरवरी को पटना में होगा बड़ा आंदोलन

BPSC द्वारा जारी परीक्षा कैलेंडर में TRE-4 का जिक्र न होने से शिक्षक अभ्यर्थी नाराज हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द विज्ञापन जारी नहीं हुआ तो 16 फरवरी को पटना में बड़ा आंदोलन होगा।

शिक्षक भर्ती को लेकर उबाल: BPSC TRE-4 नहीं आया तो 16 फरवरी को पटना में होगा बड़ा आंदोलन
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BPSC TRE-4 विवाद:बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा BPSC TRE-4 को लेकर एक बार फिर सियासी और छात्र संगठनों में उबाल देखने को मिल रहा है। बिहार लोक सेवा आयोग ने 2026 तक होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है, लेकिन इस कैलेंडर में TRE-4 शिक्षक भर्ती परीक्षा का कोई जिक्र नहीं होने से अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है।

कैलेंडर जारी होते ही शिक्षक अभ्यर्थियों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से TRE-4 का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन बार-बार इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार और आयोग की ओर से शिक्षक भर्ती को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं दिखाई दे रही है।

इसी नाराजगी के बीच अब आंदोलन की घोषणा भी कर दी गई है। छात्र नेता दिलीप कुमार ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर जल्द से जल्द BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो 16 फरवरी को पटना की सड़कों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए हजारों अभ्यर्थी सड़कों पर उतरेंगे।

दिलीप कुमार ने यह भी कहा कि बजट पेश होने के बाद अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि TRE-4 को लेकर कोई ठोस घोषणा होगी, लेकिन परीक्षा कैलेंडर में नाम तक न होना बेहद निराशाजनक है। उनका कहना है कि शिक्षक भर्ती से जुड़े लाखों युवा पिछले कई महीनों से अनिश्चितता की स्थिति में हैं।

अभ्यर्थियों का आरोप है कि जब अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया जा सकता है, तो फिर शिक्षक भर्ती परीक्षा को क्यों टाला जा रहा है। उनका कहना है कि अगर सरकार वास्तव में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है, तो शिक्षकों की भर्ती में देरी नहीं होनी चाहिए।

फिलहाल, TRE-4 को लेकर बढ़ता असंतोष सरकार और बीपीएससी दोनों के लिए चुनौती बनता नजर आ रहा है। अब देखना यह होगा कि 16 फरवरी से पहले कोई फैसला लिया जाता है या फिर पटना की सड़कों पर शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा खुलकर सामने आता है।