Bihar Budget 2026-27: 3 फरवरी को पेश होगा बिहार का अब तक का सबसे बड़ा बजट, 3.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान; रोजगार और सात निश्चय-3 पर खास जोर
बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी 2026 से शुरू होगा, और 3 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश किया जाएगा। इस बार बजट का अनुमानित आकार 3.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो पिछले साल के 3.17 लाख करोड़ रुपये से लगभग 11% ज्यादा है।मुख्य फोकस रोजगार सृजन और “सात निश्चय-3” पर रहेगा। सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रख रही है। बजट में बुनियादी ढांचे, सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी जोर दिया जाएगा।सरकार इस बजट के जरिए विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण को लेकर अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट करने की कोशिश करेगी।
पटना। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार का बजट राज्य की आर्थिक दिशा और सियासी प्राथमिकताओं को तय करने वाला माना जा रहा है। बिहार विधानसभा का बजट सत्र 2 फरवरी 2026 से शुरू होगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जबकि इसके बाद आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अगले ही दिन यानी 3 फरवरी 2026 को वार्षिक बजट पेश किया जाएगा।
सरकारी और वित्तीय सूत्रों के अनुसार, इस बार बजट का कुल आकार 3.66 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो यह मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 के 3.17 लाख करोड़ रुपये के बजट से लगभग 11 प्रतिशत ज्यादा होगा। यानी एक ही साल में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। गौरतलब है कि 2025-26 में भी बजट का आकार करीब 38 हजार करोड़ रुपये बढ़ाया गया था, जिससे सरकार की विस्तारवादी बजट नीति साफ झलकती है।

वित्त विभाग ने बजट की तैयारियों को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में दो चरणों में बजट-पूर्व परामर्श बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें उद्योग, व्यापार, शिक्षा, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए। सूत्रों का कहना है कि 26 जनवरी तक बजट ड्राफ्ट को अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
इस बार के बजट में सबसे बड़ा फोकस रोजगार सृजन और “सात निश्चय-3” पर रहने की उम्मीद है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है, जिसकी झलक बजट प्रावधानों में देखने को मिल सकती है। इसी रणनीति के तहत युवा रोजगार एवं कौशल विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और नागरिक उड्डयन जैसे नए विभागों को और सशक्त किया जाएगा।
इसके अलावा बुनियादी ढांचे के विकास पर भी सरकार का विशेष जोर रहेगा। सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा, शहरी विकास, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान किए जाने की संभावना है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह बजट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसके जरिए सरकार विकास, रोजगार और सामाजिक कल्याण को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश करेगी।
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