ऑनलाइन हाजिरी से मिलेगा वेतन, बिहार में HRMS सिस्टम लागू, 8 जिला शिक्षा पदाधिकारियों से जवाब-तलब
बिहार में 5.90 लाख शिक्षकों को अब HRMS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन मिलेगा। ई-शिक्षाकोष एप से हाजिरी अनिवार्य की गई है। लापरवाही पर 8 जिलों के डीईओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है, वहीं 31 मार्च तक सभी शिक्षकों को ई-सर्विस बुक देने का निर्देश जारी हुआ है।
पटना| बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 5.90 लाख शिक्षकों के वेतन भुगतान की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब शिक्षकों को वेतन HRMS (मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर ही मिलेगा। यह नई व्यवस्था राज्य के 71,863 प्रारंभिक विद्यालयों और 9,360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में लागू की जाएगी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि इस सिस्टम से शिक्षकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित होगा और वेतन में देरी को लेकर लंबे समय से चली आ रही शिकायतें कम होंगी। साथ ही, स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इस संबंध में सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
ई-शिक्षाकोष एप से बनेगी ऑनलाइन हाजिरी
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शामिल हुए।
निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक और शिक्षक ई-शिक्षाकोष मोबाइल एप के माध्यम से प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करेंगे। इसी डेटा के आधार पर HRMS पोर्टल से वेतन भुगतान किया जाएगा। HRMS और ई-शिक्षाकोष टीम के बीच समन्वय स्थापित कर मार्च महीने से इस नई व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
8 जिला शिक्षा पदाधिकारियों से शो-कॉज
वेतन भुगतान, अवकाश और सेवा संबंधी मामलों में लापरवाही को लेकर शिक्षा विभाग ने 8 जिलों के डीईओ से स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग के अनुसार, जिन जिलों में एक सप्ताह के भीतर लंबित मामलों के निष्पादन की दर 15 प्रतिशत या उससे कम रही, वहां कार्रवाई की गई।शो-कॉज नोटिस पाने वाले जिलों में पटना, सहरसा, औरंगाबाद, जमुई, बेगूसराय, गोपालगंज, जहानाबाद और कटिहार शामिल हैं।
शिकायत निवारण और विशेष कैंप
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, कुल 2,530 शिकायतों में से सिर्फ 1,239 का ही एक सप्ताह में निष्पादन हो सका। वहीं, 17 जिलों में 75 प्रतिशत से अधिक शिकायतों के समाधान पर सराहना की गई है।इसके अलावा, जिलों में विशेष कैंप लगाकर शिक्षकों की वेतन विसंगति और वरीयता से जुड़ी समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया गया है। अब तक 1.46 लाख से अधिक शिकायतें ऑनलाइन दर्ज हो चुकी हैं।
31 मार्च तक मिलेगी ई-सर्विस बुक
शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों को 31 मार्च तक ई-सर्विस बुक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसमें नियुक्ति, वेतन, प्रोन्नति, स्थानांतरण, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी विवरण दर्ज होंगे।
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