राहुल गांधी पर सीएम योगी का तीखा हमला, दिवाली के फुस्स रॉकेट से की तुलना
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में आयोजित जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा से पहले सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने राहुल गांधी की तुलना दिवाली के फुस्स रॉकेट से की।
GORAKHPUR/UP: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में आयोजित जनसभा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा से पहले सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने राहुल गांधी की तुलना दिवाली के फुस्स रॉकेट से की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी का धुआं निकल चुका है। कांग्रेस उन्हें बार-बार लॉन्च करने की कोशिश करती है, लेकिन हर बार वे फुस्स साबित होते हैं।
सीएम योगी ने कांग्रेस की लगातार चुनावी हार पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालत गांव के उस लड़के जैसी हो गई है, जो बार-बार परीक्षा में फेल होने के बाद हर बार नया बहाना बनाता है। कभी मास्टर पर कॉपी गायब करने का आरोप लगाता है, तो कभी पेपर को सिलेबस से बाहर बताता है। इसी तरह कांग्रेस भी अपनी हार के लिए कभी ईवीएम, कभी संवैधानिक संस्थाओं और कभी लोकतंत्र को जिम्मेदार ठहराती है।
बहाने तलाशती है कांग्रेस
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2014, 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में भाजपा लगातार जीतती रही, जबकि कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी हार स्वीकार करने के बजाय अलग-अलग बहाने तलाशती रहती है। योगी ने कहा कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है तो इसका श्रेय अपनी होशियारी और मेहनत को देती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगती है।
कई बार लॉन्च, हर बार फेल
राहुल गांधी की राजनीतिक यात्रा पर निशाना साधते हुए सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें कई बार अलग-अलग पदों के जरिए लॉन्च किया। 2004 में सांसद, 2007 में महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 2017 में कांग्रेस अध्यक्ष बनाया गया। इसके बावजूद 2019 में राहुल गांधी अमेठी से लोकसभा चुनाव हार गए। इसके बाद कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा, न्याय यात्रा और अधिकार यात्रा के जरिए उनकी राजनीतिक छवि मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन योगी के मुताबिक ये प्रयास भी सफल नहीं हुए।
56 साल का युवा नेता
उन्होंने राहुल गांधी की उम्र पर तंज कसते हुए कहा कि 56 साल के होने के बावजूद उन्हें युवा नेता बताया जाता है, जबकि वे अपनी युवावस्था पार कर चुके हैं। अंत में योगी ने कहा कि जनता का भरोसा जीतने के लिए काम करना पड़ता है, बहाने और कारनामों से राजनीति नहीं चलती।
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