BPSC Teacher Recruitment: आरक्षण रोस्टर में फंसी शिक्षकों की बहाली, BPSC को नहीं मिल रहीं वेकेंस

बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती आरक्षण रोस्टर स्पष्ट न होने के कारण लंबे समय से अटकी हुई है। तांती-ततवा जाति को SC से हटाकर EBC में शामिल करने के न्यायालय के आदेश के बाद रोस्टर में संशोधन जरूरी हो गया है, जिस वजह से BPSC को अब तक नई वेकेंसी नहीं भेजी जा सकी है।

BPSC Teacher Recruitment: आरक्षण रोस्टर में फंसी शिक्षकों की बहाली, BPSC को नहीं मिल रहीं वेकेंस
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पटना। बिहार के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में शिक्षकों की बहाली लंबे समय से अटकी हुई है। इस देरी की सबसे बड़ी वजह आरक्षण रोस्टर का क्लियर न होना है। खासकर तांती-ततवा जाति के आरक्षण को लेकर जारी विवाद ने भर्ती प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) को अब तक नई वेकेंसी भेजी ही नहीं जा सकी है।

दरअसल, राज्य सरकार ने पहले तांती-ततवा जाति को अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में शामिल कर आरक्षण का लाभ दिया था और इसी आधार पर कई अभ्यर्थियों को नियुक्ति में फायदा भी मिला। लेकिन बाद में न्यायालय ने इस फैसले को पलटते हुए तांती-ततवा को अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) में शामिल करने का आदेश दिया। इसके बाद आरक्षण रोस्टर में संशोधन जरूरी हो गया, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है।

इस विवाद का सीधा असर तकनीकी शिक्षा संस्थानों पर पड़ रहा है। बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में विभिन्न ट्रेड में कुल 3375 पद स्वीकृत हैं, लेकिन फिलहाल सिर्फ 1681 नियमित शिक्षक ही कार्यरत हैं। यानी 1694 पद खाली हैं, जिनमें 828 सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति होनी बाकी है। वहीं राज्य के 46 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 2302 पद स्वीकृत हैं, लेकिन सिर्फ 1096 शिक्षक कार्यरत हैं। यहां 1150 से अधिक व्याख्याता पद रिक्त हैं। कुल मिलाकर इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 2000 से ज्यादा पद खाली पड़े हैं।

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस मामले को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग से आरक्षण विवाद सुलझाने का आग्रह किया है। विभाग का कहना है कि रोस्टर क्लियर होते ही रिक्तियों का प्रस्ताव BPSC को भेज दिया जाएगा, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षकों की भारी कमी के कारण तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। कई कॉलेजों में पढ़ाई, प्रयोगशाला कार्य और छात्रों के मार्गदर्शन में गंभीर समस्याएं सामने आ रही हैं। अब उम्मीद है कि न्यायालय के आदेश के बाद जल्द ही आरक्षण स्थिति स्पष्ट होगी और रुकी हुई शिक्षक बहाली प्रक्रिया फिर से पटरी पर लौटेगी।