MLC बंशीधर और राहुल राज की सदस्यता पर संकट! INDIA गठबंधन ने सभापति से की शिकायत, दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग

बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति रामवचन राय से मुलाकात कर दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

MLC बंशीधर और राहुल राज की सदस्यता पर संकट! INDIA गठबंधन ने सभापति से की शिकायत, दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की मांग
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PATNA: बिहार की राजनीति में दो निर्दलीय विधान पार्षदों बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा के साथ जाने के बाद दोनों एमएलसी की विधान परिषद सदस्यता रद्द कराने की मांग उठने लगी है। बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति रामवचन राय से मुलाकात कर दोनों नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

आरजेडी के प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी के नेतृत्व में पहुंचे विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारी सभापति को ज्ञापन सौंपा। विपक्ष का आरोप है कि बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीतने के बाद भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। ऐसे में दल-बदल कानून के तहत उनकी विधान परिषद सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए। इस प्रतिनिधिमंडल में शशि यादव, सुनील सिंह, शक्ति यादव समेत कई अन्य नेता शामिल थे।

हालांकि, दोनों एमएलसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग सिर्फ INDIA गठबंधन ही नहीं कर रहा है। इससे पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी कार्यकारी सभापति रामवचन राय से शिकायत कर चुकी है। सोमवार को जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल ने विधान परिषद पहुंचकर दोनों नेताओं को अयोग्य ठहराने की मांग की थी। पार्टी की ओर से कथित तौर पर भाजपा की सदस्यता लेने से जुड़े सबूत पेन ड्राइव में भी सौंपे गए थे। इस पर कार्यकारी सभापति ने कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही थी।

दरअसल, बीते शनिवार को बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे। यहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित पार्टी की बैठक में दोनों शामिल हुए। इस दौरान सामने आई तस्वीरों में दोनों भाजपा का दुपट्टा पहने और सदस्यता पर्ची लिए नजर आए। मीडिया से बातचीत में भी उन्होंने भाजपा की सदस्यता लेने की बात कही थी।

गौरतलब है कि दोनों एमएलसी हालिया विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीतकर सदन पहुंचे हैं। उन्होंने जेडीयू उम्मीदवारों को हराया था। अब उनकी राजनीतिक निष्ठा और सदस्यता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ऐसे में कार्यकारी सभापति रामवचन राय के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।