बाहुबली विधायक अनंत सिंह को झटके पर झटका, सरेंडर के बाद अब विधायकी पर मंडराया खतरा, विस ने थमाया नोटिस

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जदयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब उनकी विधायकी पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बिहार विधानसभा की ओर से अनंत सिंह को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है।

बाहुबली विधायक अनंत सिंह को झटके पर झटका, सरेंडर के बाद अब विधायकी पर मंडराया खतरा, विस ने थमाया नोटिस
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PATNA: मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जदयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अब उनकी विधायकी पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं। बिहार विधानसभा की ओर से अनंत सिंह को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। यह कार्रवाई जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की शिकायत के बाद की गई है।

दरअसल, बिहार विधान परिषद चुनाव में अनंत सिंह ने एनडीए के अधिकृत उम्मीदवार और जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार के पक्ष में प्रचार किया था। इसे पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए जदयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।

विधानसभा सचिव ने जारी किया नोटिस

इसके बाद 24 अक्टूबर को जदयू ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग करते हुए स्पीकर को दस पन्नों के दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सौंपे थे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अनंत सिंह का पक्ष जानने के बाद कार्रवाई की बात कही थी। अब विधानसभा सचिव संजय कुमार सिंह की ओर से नोटिस जारी किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट से झटका

वहीं, अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में भी बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द कर दी है और उन्हें एक दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिया है। बेटी की शादी को देखते हुए उन्हें मोहलत मिली है। ऐसे में पार्टी से निष्कासन, सरकारी बंगले का मामला और विधानसभा की सदस्यता पर मंडराता खतरा अनंत सिंह की राजनीतिक मुश्किलों को और बढ़ा रहा है।