बेटी बचाओ–न्याय यात्रा कल पटना पहुंचेगी, 10 फरवरी को होगा विधानसभा मार्च
इस न्याय यात्रा के समापन के अवसर पर 10 फरवरी 2026 को गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से विधानसभा तक जोरदार मार्च आयोजित किया जाएगा. यह न्याय यात्रा जहानाबाद के पतियावां से शुरू होकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों, बलात्कार की घटनाओं पर प्रशासनिक लीपापोती और पीड़ित परिवारों को न्याय से वंचित किए जाने के खिलाफ एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में उभरी है.
पटनाः ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी और छात्र संगठन आइसा के नेतृत्व में चल रही बेटी बचाओ–न्याय यात्रा कल पटना पहुंचेगी. इस न्याय यात्रा के समापन के अवसर पर 10 फरवरी 2026 को गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से विधानसभा तक जोरदार मार्च आयोजित किया जाएगा. यह न्याय यात्रा जहानाबाद के पतियावां से शुरू होकर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों, बलात्कार की घटनाओं पर प्रशासनिक लीपापोती और पीड़ित परिवारों को न्याय से वंचित किए जाने के खिलाफ एक सशक्त जनआंदोलन के रूप में उभरी है.
यात्रा जहानाबाद के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए नालंदा, नवादा, गया, अरवल और पटना ग्रामीण के अनेक क्षेत्रों का दौरा करती हुई पटना पहुंच रही है. इस दौरान 100 से अधिक नुक्कड़ सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें महिलाओं, छात्राओं, युवाओं और आम जनता ने बड़ी संख्या में भाग लिया. न्याय यात्रा के दौरान कई बलात्कार पीड़िताओं के परिजनों से मुलाकात की गई और उनकी पीड़ा, संघर्ष और न्याय की मांग को सामने लाया गया. यात्रा के क्रम में पति याँवा के अलावा औरंगाबाद की नीट छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले का भी जायजा लिया गया तथा पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की गई.
ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि बेटी बचाओ–न्याय यात्रा के दौरान यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि भाजपा–जदयू सरकार महिलाओं व छात्राओं के सवाल पर पूरी तरह असंवेदनशील और विफल साबित हुई है. बलात्कार और महिला उत्पीड़न की घटनाओं में सरकार और प्रशासन आरोपियों को बचाने में लगे हैं, जबकि पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. इस जनआक्रोश की तीव्र अभिव्यक्ति 10 फरवरी के विधानसभा मार्च में देखने को मिलेगी.
उन्होंने कहा कि यह मार्च केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि बिहार की बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और न्याय के लिए उठने वाली सामूहिक आवाज़ है. सरकार को महिला सुरक्षा, त्वरित न्याय और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी ही होगी. इस न्याय यात्रा में ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी के साथ संगीता सिंह, रीता वर्णवाल, लीला वर्मा, वंदना प्रभा, अंजुषा, आइसा की राज्य अध्यक्ष प्रीति कुमारी, प्रिया, अनु तथा दीपंकर शामिल हैं. ऐपवा व aisa ने पटना की जनता, महिलाओं, छात्राओं और तमाम जनतांत्रिक संगठनों से 10 फरवरी के विधानसभा मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होकर न्याय की इस लड़ाई को मजबूत करने की अपील की है. पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट