पटनावासी सावधान! अब नो-पार्किंग में गाड़ी खड़ी की तो सीधे कटेगा चलान
पटना की सड़कों पर अब लापरवाही से गाड़ी खड़ी करना आसान नहीं रहा। जो काम पहले ट्रैफिक पुलिस की सीटी और चालान बुक से होता था, अब वही काम हाईटेक कैमरे कर रहे हैं। नो-पार्किंग जोन में खड़ी आपकी गाड़ी अगर कैमरे की नजर में आ गई, तो समझिए चालान तय है — बिना रोके, बिना बहस और बिना मौके पर मौजूद पुलिस के। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने तकनीक के सहारे ट्रैफिक अनुशासन पर शिकंजा कस दिया है, और इसके नतीजे अब जमीन पर साफ दिखाई देने लगे हैं।

राजधानी पटना में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अब तकनीक को हथियार बनाया जा रहा है और इसका असर भी जमीन पर दिखने लगा है। पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों पर अब सीधे ई-चालान की कार्रवाई हो रही है। इस नई व्यवस्था का मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि शहर की सड़कों को जाम और अव्यवस्था से निजात दिलाना है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के आंकड़े बताते हैं कि एक दिसंबर से 22 जनवरी के बीच नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने के कुल 4806 मामले सामने आए। इनमें से 2371 मामलों में कैमरों के जरिए वाहन नंबर की पहचान की गई और संबंधित वाहन मालिकों को ई-चालान भेजा गया। यह आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि अब नियम तोड़कर बच निकलना आसान नहीं रहा। तकनीक की पैनी नजर हर वक्त सड़कों पर बनी हुई है।
अगर महीनेवार आंकड़ों की बात करें तो दिसंबर में नो-पार्किंग में खड़े 2669 वाहन पकड़े गए, जिनमें से 793 वाहनों पर चालान की कार्रवाई की गई। वहीं जनवरी महीने में 2137 मामले सामने आए, जिनमें 1578 वाहनों पर ई-चालान जारी हुआ। दिसंबर की तुलना में जनवरी में कार्रवाई का प्रतिशत बढ़ना इस बात का संकेत है कि निगरानी तंत्र लगातार मजबूत हो रहा है और नियमों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। जैसे-जैसे सिस्टम बेहतर हो रहा है, वैसे-वैसे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है।
Divya Singh