अखिल भारतीय किसान महासभा की राज्य कार्यकारणी की बैठक संपन्न! कई महत्वपूर्ण निर्णय
किसानों के विभिन्न मांगो पर 9 फरवरी को राज्य भर के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन और 23फरवरी को विधान सभा के समक्ष करेगा विरोध प्रदर्शन!
PATNA: अखिल भारतीय किसान महासभा की राज्य कार्यकारणी की चल रहे दो दिवसीय( 16- 17 जनवरी 2026)बैठक मुजफ्फरपुर के दीवान रोड में किरण श्री विवाह भवन में संपन्न हुआ। आज बैठक से पटना लौट कर अखिल भारतीय किसान महासभा के बिहार राज्य सचिव उमेश सिंह ने पटना में प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड मंजू प्रकाश के नेतृत्व में पांच सदस्यीय अध्यक्ष मंडल (शिवसागर शर्मा,जवाहर लाल सिंह,चंद्रदीप सिंह, रवींद्र सिंह कुशवाहा,)ने किया। जब कि बैठक का संचालन बिहार राज्य सचिव उमेश सिंह ने किया । बैठक में राज्य कार्यकारणी के 50 सदस्यों सहित दो राष्ट्रीय नेता महासचिव कॉमरेड राजा राम सिंह (सांसद, काराकाट) और राष्ट्रीय संगठन सचिव कॉमरेड सुदामा प्रसाद ( सांसद,आरा ) ने भी शिरकत किया।
बैठक ने कई महत्पूर्ण निर्णय लिया। किसानों के विभिन्न मांगों जिसमें राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय मांगों पर विधान सभा सत्र के दौरान विधानसभा के समक्ष राज्य स्तरीय विशाल विरोध प्रदर्शन 23 फरवरी 2026 को किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में बल प्रदान करने व व्यापक किसानों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए मांगों का पर्चा लेकर किसान महासभा के कार्यकर्ता गांव गांव दौरा कर किसानों से जन संपर्क अभियान चलाएंगे। इस तरह किसानों की व्यापक गोलबंदी करते हुए उक्त कार्यक्रम से पूर्व 9 फरवरी 2026 को बिहार के सभी जिला , अनुमंडल और प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन / धरना का आयोजन कर सरकार को मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर उठाए जा रहे मांगों जैसे 1.VB- GRAMG कानून 2025 को वापस लेने तथा मनरेगा की पुनर्बहाली 2.बीज विधेयक 2025 ,3.विद्युत विधेयक 2025,4. चार श्रम संहिता को वापस लेने की मांग को प्रमुखता से उठाते हुए बिहार में चल रहे किसान विरोधी सरकार के कारनामों को प्रमुखता से उठाया जाएगा जिसमें पूरे बिहार में किसान सम्मान निधि की योजना को संकुचित करने की नियत से किसानों की पंजीकरण में बहुत सारे पेंच लगा कर पंजीकरण नहीं किया जा रहा ताकि किसानों को सम्मान निधि नहीं मिले। कहां बटाईदार किसानों को भी जो आज की तिथि में सही मायने में किसान हैं उन्हें भी किसान सम्मान निधि देने कि बात थी तो अब प्लाट खाता नंबर की मांग पंजीकरण में कर कर जमीन मालिकों को भी किसान निधि से वंचित किया जा रहा है क्योंकि जमीन तो उनके बाप दादा के नाम दर्ज है जमीन को अभी तक अद्यतन नहीं किया जा सका है।
सोन नदी पर कदवन (इंद्रपुरी) में डैम का निर्माण सहित तमाम सिंचाई संसाधनों (नहरों,नलकूपों) का जीर्णोद्धार करने,किसानों के कृषि कार्य हेतु मुफ्त बिजली देने, सभी फसलों पर C-2+50% के साथ एम एस पी कानूनी गारंटी के साथ सरकारी खरीद, संपूर्ण कर्ज माफी, धड़ल्ले से जारी कृषि भूमि अधिग्रहण पर रोक, पंचायतों में कैंप लगा कर भूमि संबंधी कागजात को अद्यतन कर सभी किसानों को जमीन के कागजात मुहैया कराना। इन मांगों के अतिरिक्त स्थानीय मांग और तबकागत किसानों की मांग जैसे गन्ना किसान,मछली उत्पादक किसान,फल सब्जी उत्पादक किसान,मुर्गी पालक,दुग्ध उत्पादक किसान की समस्या को उठाया जाएगा।
उन्होंने ने कहा कि बैठक में कई सांगठनिक निर्णय भी लिए गए जिसमें बिहार में 350000 किसानों को सदस्य बना कर किसान महासभा को विस्तार देते हुए 30 जिला में जिला सम्मेलन करने और 200प्रखंडों में प्रखंड सम्मेलन कर सांगठनिक कमिटियों का निर्माण करने का लक्ष्य तय किया गया जिसे प्रस्तावित राष्ट्रीय सम्मेलन अक्टूबर 2026 से पूर्व करना है।
बैठक के समापन सत्र को संबोधित करते हुए महासचिव राजा राम सिंह (सांसद) ने कहा कि आज किसानों के समक्ष प्रकृति से समस्या नहीं पैदा हो रहा है बल्कि सरकारों द्वारा किसानों के समक्ष इतने सारी समस्या पैदा किया जा रहा है ताकि वे ऊब कर खेती छोड़ दें और दलाल सरकारें अपने कॉर्पोरेट आकाओं को हम किसानों की जमीन छीन कर उन्हें दे दें। लेकिन यदि किसानों के हाथ से खेती और खेत निकल गया तो देश एक रोटी के लिए मोहताज हो जाएगा चुकी कार्पोरेट इसी भूख का सौदा देश की आवाम के साथ करना चाहते हैं।जब तक खेत खेती किसानों के हाथ में होगा तभी तक देश की खाद्यान्य सुरक्षा बना रहेगा साथ ही पर्यावरण की सुरक्षा भी होगा जो मनुष्य की जीवन के लिए आवश्यक है। इसलिए हमें न सिर्फ अपने लिए बल्कि इस देश की पूरी आवाम के लिए संघर्ष को तेज करना होगा। बैठक को विधायक अरुण सिंह, सांसद सुदामा प्रसाद,पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव,पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह,के साथ ही सभी 50 कार्यकारणी सदस्य ने संबोधित किया। अध्यक्ष मंडल की ओर से शिवसागर शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ बैठक समाप्त हुआ।
पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट