विराट रामायण मंदिर में विश्व का सबसे बड़ा अखंड शिवलिंग स्थापित, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हुए शामिल
मोतिहारी के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना भव्य पूजा-पाठ के साथ की गई। सहस्त्र 1108 शिवलिंग की स्थापना के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे।
MOTIHARI : मोतिहारी के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना भव्य पूजा-पाठ के साथ की गई। सहस्त्र 1108 शिवलिंग की स्थापना के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। दुनिया के सबसे बड़े निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर परिसर में दो क्रेन के सहयोग से 96 चक्का ट्रक से उठाकर मंदिर परिसर में बने 36 फीट के स्तूप पर 33 फीट लंबाई और 33 फीट गोलाई के काले ग्रेनाइड से बने सहस्त्र शिवलिंग की 38 फीट उच्चे स्तूप पर स्थापना की गई।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पटना हनुमान मंदिर के सचिव सायन कुणाल और उनकी पत्नी सांसद संभावी चौधरी के द्वारा शिवलिंग की पूजा-अर्चना की गई। शिवलिंग की ऊंचाई व गोलाई 33 फीट है।वजन 210 टन है।लक्ष्य 150 एकड़ की जगह 120 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में कुल 22 मंदिर व 12 शिखर होंगे। मंदिर की लंबाई 1080 व चौड़ाई 540 वर्गफीट होगी। सबसे ऊंचे शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी। इसके बाद एक शिखर 190, चार शिखर की ऊंचाई 180 फीट, एक शिखर की ऊंचाई 135 फीट, पांच शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी। परिसर की भव्यता देखने के लिए अभी से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
विराट रामायण मंदिर की एक और विशेषता दुनिया का दिव्य व भव्य मंदिर के रूप में प्रसिद्धि होगी। विराट रामायण मंदिर प्रभु श्रीराम के नगर अयोध्या व माता सीता की जन्मभूमि नेपाल के धाम जनकपुर के बीच मोतिहारी के कैथवलिया में निर्मित हो रहा, जिसका नामकरण जानकी नगर के रूप में किया गया है। रामजनकी पथ निर्माण रास्ते से अयोध्या से इस मंदिर की दूरी 315 किलोमीटर है, जबकि जनकपुरधाम से करीब 115 किलोमीटर है। बिहार की राजधानी पटना से दूरी 120 किलोमीटर है।यानी अयोध्या से जनकपुरधाम के लिए बन रही रामजानकी पथ के किनारे जानकी नगर में यह मंदिर अपने स्थान संग अपनी भव्यता के लिए समस्त संसार में विख्यात होगा।
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