पटना एक्सप्रेसवे : बिहार में पांच नए एक्सप्रेस-वे, कनेक्टिविटी होगी बेहतर
पटना एक्सप्रेसवे: बिहार सरकार सात निश्चय-3 के तहत पांच नए एक्सप्रेस-वे बनाएगी, जिससे पटना और जिलों की कनेक्टिविटी तेज होगी और यात्रा समय कम होगा।
पटना,बिहार: बिहार सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत राज्य में पांच नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और दो वरिष्ठ इंजीनियरों को महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश भेजा गया है ताकि एक्सप्रेस-वे निर्माण की सफल प्रक्रियाओं का अध्ययन किया जा सके।

मंत्री ने कहा कि इस अनुभव के आधार पर बिहार में एक्सप्रेस-वे का निर्माण और संचालन कैसे किया जाएगा, यह तय किया जाएगा। साथ ही, यह भी तय होगा कि फंडिंग किस प्रकार से होगी और राज्य सरकार किन क्षेत्रों में सीधे निर्माण कराएगी।
महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की तरह, बिहार भी एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए विशेष कंस्ट्रक्शन अथॉरिटी बनाने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य निर्माण प्रक्रियाओं को तेज़ और पारदर्शी बनाना है।
नए एक्सप्रेस-वे से एक जिले को कई जिलों से जोड़ने की सुविधा मिलेगी और पटना तक पहुंचने का समय कम होगा। साथ ही, बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की जरूरत भी कम होगी।
केंद्र सरकार भी बिहार में चार एक्सप्रेस-वे का निर्माण कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
- पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे
- गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे (बड़े हिस्से में बिहार से होकर)
- रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे (नेपाल और पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से जोड़ता है)
- वाराणसी-रांची-कोलकाता मार्ग
इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि राज्य में आर्थिक गतिविधियों और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। मंत्री डॉ. जायसवाल ने कहा कि इस वर्ष विस्तृत योजना और बजट तैयार किया जाएगा, ताकि सात निश्चय-3 के तहत सड़क परिवहन का यह सपना जल्दी साकार हो सके।
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