समृद्धि की राह पर बिहार : अब जिला एवं प्रखंड अस्पताल बनेंगे विशिष्ट चिकित्सा केन्द्र, सीएम ने कर दिया एलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोपालगंज जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना कर नये उद्योग लगाये जाएंगे। डेयरी को बढ़ावा देने के लिए जिले के शेष 1 हजार 566 गांवों में दूध उत्पादन समितियों का गठन तथा सभी 234 पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केन्द्र खोला जायेगा। सभी 14 प्रखण्डों में आदर्श विद्यालय तथा डिग्री कॉलेज की स्थापना की जायेगी। सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को विशिष्ट अस्पताल तथा गोपालगंज सदर अस्पताल को अति विशिष्ट अस्पताल बनाया जायेगा। गोपालगंज जिले में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जायेगी। सबका सम्मान-जीवन आसान निश्चय के तहत कठिनाइयों को दूर कर लोगों के लिए सरकारी सुविधाएं प्राप्त करना आसान बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कामों से जिले का पूरे तौर पर विकास होगा। केन्द्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अब बिहार बहुत आगे बढ़ेगा और देश के विकसित राज्यों में शामिल हो जायेगा।
PATNA : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज गोपालगंज जिला के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरौली में समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सब जानते हैं कि 24 नवंबर, 2005 को पहली बार एनडीए की सरकार बनी थी, तब से राज्य में कानून का राज है और हम लगातार विकास के काम में लगे हुये हैं। याद है ना पहले क्या स्थिति थी? पहले बहुत बुरा हाल था? लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। समाज में कितना विवाद होता था, कितना हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा होता था? पढ़ाई का क्या हाल था? बहुत कम बच्चे पढ़ते थे, बहुत कम पढ़ाई होती थी। पहले इलाज का पूरा इंतजाम नहीं था। सड़कें बहुत कम थी और जो थी उनका बुरा हाल था। बिजली बहुत कम जगह थी। शुरू से ही बिहार के विकास का काम हो रहा है। अब किसी प्रकार के डर एवं भय का वातावरण नहीं है। राज्य में प्रेम, भाईचारा एवं शांति का माहौल है। अब कोई हिन्दू-मुस्लिम झगड़ा नहीं होता है, इसके लिए वर्ष 2006 से ही कब्रिस्तान की घेराबंदी शुरू की गयी। पहले लगभग 8 हजार कब्रिस्तानों की घेराबंदी की गयी। बाद में कुछ और कब्रिस्तानों को चिन्हित किया गया, जिसकी घेराबंदी की जा रही है। वर्ष 2016 से 60 वर्ष से पुराने हिन्दू मंदिरों की घेराबंदी की गयी है। सभी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरू से ही शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य में बड़े पैमाने पर सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2015 में सात निश्चय के तहत हर घर तक बिजली, हर घर नल का जल, हर घर शौचालय तथा टोलों को पक्की सड़कों से जोडने का काम पूरा हो गया है। वर्ष 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गयी। सरकार द्वारा शुरू से ही बहुत सस्ती दर पर बिजली दी गयी। अब लगभग सभी घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त दी जा रही है। वर्ष 2020 में सात निश्चय-2 के तहत सभी योजनाओं पर काफी काम हुआ है और जो भी काम बचे हैं उन्हें शीघ्र पूरा किया जायेगा। सात निश्चय-2 के तहत ही युवाओं के लिए 10 लाख नौकरी एवं 10 लाख रोजगार देना तय किया गया। अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी तथा 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है। चाहे हिन्दू हो, मुस्लिम हो, अपर कास्ट हो, पिछड़ा हो, अति पिछड़ा हो, दलित हो, महादलित हो-सभी के लिए काम किया गया है।
मुस्लिम समुदाय के लिए भी हमने काफी काम किया है। सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन की राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दिया गया है। इससे 1 करोड़ 14 लाख लोगों को फायदा हो रहा है। बिहार के विकास में केन्द्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। जुलाई, 2024 के बजट में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन, बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गयी। फरवरी, 2025 के बजट में बिहार में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता आदि की घोषणा की गयी है। वर्ष 2018 में देश के कुछ राज्यों में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन हुआ था। इस वर्ष खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन बिहार में हुआ, जो गौरव की बात है। इन सबके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नमन करते हैं। प्रधानमंत्री कई बार बिहार आये हैं और उनके द्वारा विकास कार्यों का शिलान्यास, शुभारम्भ किया गया है, इन सभी योजनाओं पर अब तेजी से काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अगले 5 वर्षों (2025-2030) में कई कार्य कराये जायेंगे। सरकार द्वारा पहले कार्यकाल 2005-2010 तक, दूसरे कार्यकाल 2010-2015 तक, तीसरे कार्यकाल 2015-2020 तथा चौथे कार्यकाल 2020-2025 को मिलाकर चारो कार्यकाल में हर क्षेत्र में काम हुआ है चाहे शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, सड़क हो, बिजली हो, कृषि हो। महिला सशक्तीकरण के लिए बहुत काम हुआ है। अब विकास की गति को और तेज किया जायेगा। केन्द्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अगले 5 वर्षों के लिए सात निश्चय 3 का गठन किया गया है। (1) दोगुना रोजगार दोगुनी आय राज्य की प्रति व्यक्ति औसत आय को दोगुना किया जायेगा तथा इसके लिए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर महिला को 10 हजार रूपये दिये गये हैं। जिनका रोजगार अच्छा चलेगा उन्हें 2 लाख रूपये तक की सहायता दी जायेगी। अगले 5 वर्षों में युवाओं को 1 करोड़ नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराये जाएंगे। इसके लिए नये ष्युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभागष् का गठन किया गया है। (2) समृद्ध उद्योग सशक्त बिहार अगले 5 वर्षों में उद्योग लगाने पर पूरा जोर दिया जायेगा। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जायेगी। नये बड़े उद्योगों के लिए मुफ्त भूमि एवं अनुदान दिया जा रहा है। पुरानी बंद चीनी मिलों को चालू किया जायेगा। (3) कृषि में प्रगति प्रदेश की समृद्धि कृषि विकास के लिए पहले से ही काफी काम किया गया है। इस काम में और तेजी लाने के लिए एक नये बिहार विपणन प्रोत्साहन निगम की स्थापना की गयी है। मखाना के उत्पादन को और बढ़ावा दिया जायेगा। डेयरी एवं मछली पालन पर विशेष जोर दिया जायेगा। (4) उन्नत शिक्षा उज्ज्वल भविष्य राज्य में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय एवं डिग्री कॉलेज खोला जायेगा।
एक नये एजुकेशन सिटी का निर्माण कराया जायेगा। (5) सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर करने के लिए जिला एवं प्रखंड के अस्पतालों को विशिष्ट चिकित्सा केन्द्र बनाया जायेगा। राज्य में प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों की स्थापना के लिए प्रोत्साहन दिया जायेगा। सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लायी जायेगी। (6) मजबूत आधार आधुनिक विस्तार आधारभूत संरचनाओं को बेहतर किया जायेगा जिसमें- (क) शहरों का विकास और नये नियोजित शहरों की स्थापना की जायेगी। (ख) 5 नये एक्सप्रेस-वे सड़कों का निर्माण तथा ग्रामीण सड़कों का 2-लेन चौड़ीकरण किया जायेगा। (ग) सभी इच्छुक लोगों के घर की छतों पर सोलर पैनल लगाये जायेंगे। (घ) बिहार में पर्यटन एवं इको टूरिज्म के विकास पर विशेष जोर दिया जायेगा। (च) पटना में स्पोर्टस सिटी का विकास तथा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दिया जायेगा। (7) सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living) आधुनिक तकनीक तथा अच्छे प्रशासन के माध्यम से राज्य के सभी नागरिकों के जीवन को आसान बनाया जायेगा। हमारा राज्य लगातार विकास कर रहा है। इन दिनों काम को और आगे बढ़ाया गया है। अगले 5 वर्षों में और ज्यादा काम होगा जिससे बिहार काफी आगे बढ़ेगा। केन्द्र का भी पूरा सहयोग प्राप्त हो रहा है। बिहार और विकसित होगा और देश के टॉप राज्यों में शामिल हो जायेगा तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको याद होगा कि गोपालगंज जिले का पहले क्या हाल था। वर्ष 2005 से पहले की सरकार ने कुछ नहीं किया। गोपालगंज जिले में विकास के सभी काम करा दिये गये हैं जिसमें इंजीनियरिंग कॉलेज एवं पॉलिटेक्निक संस्थान की स्थापना की गयी है। महिला आईटीआई एवं सभी अनुमंडलों में आईटीआई की स्थापना की गयी है। जीएनएम संस्थान एवं पारा मेडिकल संस्थान की स्थापना की गयी है। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण कराया गया है। कर्पूरी ठाकुर छात्रावास तथा 3 आवासीय विद्यालयों का निर्माण कराया गया है। गोपालगंज जिले में कई पुलों एवं पथों का निर्माण कराया गया है जिसमें गोपालगंज तथा नौतन के बीच गंडक नदी पर बड़े पुल का निर्माण कराया गया है। सत्तर घाट पुल एवं पथ का निर्माण कराया गया है। मीरगंज-भोरे पथ एवं अन्य पथों का चौड़ीकरण कराया जा रहा है। गोपालगंज जिले में बाढ़ से सुरक्षा हेतु तटबंध निर्माण एवं सिंचाई सुविधाओं का विकास कराया गया है जिसमें कटाव निरोधक कार्य कराया गया है। पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली का जीर्णोद्धार कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 के दिसम्बर एवं 2025 के जनवरी-फरवरी माह में मैंने प्रगति यात्रा के दौरान सभी जिलों में जाकर विकास कार्यों को देखा और जो कमी रही उसे पूरा करने के लिए गोपालगंज जिले की 7 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी जिन पर काम चल रहा है जिन्हें शीघ्र पूरा किया जायेगा। मीरगंज बाजार के बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है। गोपालगंज में बाईपास एवं रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है। सारण तटबंध पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। देवरिया सड़क से जोड़ने हेतु बाईपास सड़क का निर्माण कराया जायेगा। दहा नदी पर पुल का निर्माण कराया जा रहा है। माँ थावे मंदिर का विकास एवं सौंदर्गीकरण किया जा रहा है। गोपालगंज से सारण तक 4 लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सात निश्चय-3 के तहत अगले 5 वर्षों (2025 से 2030 के बीच) में गोपालगंज जिले में अनेक काम कराये जायेंगे जिनमें मुख्य काम के तौर पर रोजगार के लिए जिले की 3 लाख 22 हजार महिलाओं को 10 हजार रूपये के हिसाब से राशि दी जा चुकी है। इन्हें रोजगार आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रूपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोपालगंज जिले में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना कर नये उद्योग लगाये जाएंगे। डेयरी को बढ़ावा देने के लिए जिले के शेष 1 हजार 566 गांवों में दूध उत्पादन समितियों का गठन तथा सभी 234 पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केन्द्र खोला जायेगा। सभी 14 प्रखण्डों में आदर्श विद्यालय तथा डिग्री कॉलेज की स्थापना की जायेगी। सभी 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को विशिष्ट अस्पताल तथा गोपालगंज सदर अस्पताल को अति विशिष्ट अस्पताल बनाया जायेगा। गोपालगंज जिले में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जायेगी। सबका सम्मान-जीवन आसान निश्चय के तहत कठिनाइयों को दूर कर लोगों के लिए सरकारी सुविधाएं प्राप्त करना आसान बनाया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कामों से जिले का पूरे तौर पर विकास होगा। केन्द्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। अब बिहार बहुत आगे बढ़ेगा और देश के विकसित राज्यों में शामिल हो जायेगा।
जन संवाद कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं ने मुख्यमंत्री को बड़ी माला पहनाकर एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन, विधायक मंजीत कुमार सिंह, विधायक सुभाष सिंह, विधायक अमरेंद्र कुमार पांडे, विधायक रामसेवक सिंह, विधान पार्षद राजीव कुमार, विधान पार्षद वीरेंद्र नारायण यादव, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व विधान पार्षद, एनडीए घटक दल के जिलाध्यक्ष, अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
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