पटना में हर वार्ड का रखवाला होगा ‘नगर मित्र’, सफाई पर सीधे रखी जाएगी नजर
पटना नगर निगम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने के लिए हर वार्ड में एक ‘नगर मित्र’ नियुक्त करने की योजना शुरू की है। नगर मित्र अपने घर के आसपास 10 घरों के दायरे में सफाई पर नजर रखेंगे, लोगों को कचरा अलग करने और प्लास्टिक कम इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करेंगे और गंदगी की शिकायत सीधे निगम अधिकारियों को देंगे।
पटना। राजधानी पटना को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में पटना नगर निगम ने एक अहम पहल की है। नगर निगम अब शहर के हर वार्ड में एक ‘नगर मित्र’ की नियुक्ति करेगा, जो स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था पर नज़र रखेगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी की जानकारी सीधे निगम अधिकारियों तक पहुंचाएगा। इस योजना का मकसद स्थानीय सहभागिता के जरिए स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना और स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में सुधार करना है।
नगर निगम की ओर से बुधवार को शुरू की गई इस जनभागीदारी योजना के तहत चुने गए ‘नगर मित्र’ अपने आवास के आसपास 10 घरों के दायरे में गलियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की निगरानी करेंगे। इनकी प्रमुख जिम्मेदारी नालियों और खुले स्थानों में कचरा फेंकने की प्रवृत्ति को रोकना होगी। इसके साथ ही नगर मित्र लोगों को गीला-सूखा कचरा अलग करने, घर-घर कचरा संग्रह नियमों और प्लास्टिक के कम उपयोग को लेकर जागरूक करेंगे।
नगर मित्र स्वच्छता से जुड़ी किसी भी समस्या—जैसे कचरे का ढेर, नालियों की गंदगी या खुले में कूड़ा फेंकने—की जानकारी सीधे पटना नगर निगम के अधिकारियों को रिपोर्ट करेंगे, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। नगर निगम का मानना है कि स्थानीय निवासी होने के कारण नगर मित्र अपने इलाके की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
नगर मित्रों के चयन की प्रक्रिया की निगरानी सैनिटरी इंस्पेक्टर और सिटी मैनेजर करेंगे। चयन से पहले उम्मीदवारों की योग्यता और व्यवहार को लेकर पड़ोसियों से फीडबैक भी लिया जाएगा। नगर निगम ने यह भी बताया कि चयनित नगर मित्रों की तस्वीरें पटना स्मार्ट सिटी के वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले (VMD) स्क्रीन पर प्रदर्शित की जाएंगी, जिससे उनकी पहचान और जिम्मेदारी दोनों स्पष्ट रहें।
यह योजना ऐसे समय में शुरू की गई है, जब नगर निगम ने कचरा फैलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाते हुए राजधानी में 650 ‘नगर शत्रु’ चिह्नित किए हैं। निगम के आंकड़ों के मुताबिक बांकीपुर, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग और पटना सिटी जैसे इलाकों में कचरा फैलाने के मामलों की संख्या अधिक पाई गई है।नगर निगम को उम्मीद है कि ‘नगर मित्र’ योजना से सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
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