तेजस्वी की ताजपोशी पर रोहिणी का बड़ा हमला:आरजेडी में घुसपैठियों का कब्जा!

आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में तेजस्वी यादव को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया, लेकिन पार्टी के अंदर लालू परिवार की खींचतान फिर सामने आई। तेजस्वी की ताजपोशी पर रोहिणी आचार्य ने तीखा हमला किया, उन्हें “घुसपैठियों के हाथ की कठपुतली” कहा और पार्टी की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए। विवाद बिहार राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है।

तेजस्वी की ताजपोशी पर रोहिणी का बड़ा हमला:आरजेडी में घुसपैठियों का कब्जा!
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पटना।आरजेडी में सत्ता परिवर्तन और लालू परिवार की खींचतान ने एक बार फिर बिहार राजनीति में हलचल मचा दी है। रविवार को पटना में आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। लालू प्रसाद यादव के बाद अब पार्टी के सभी फैसले तेजस्वी यादव के नेतृत्व में होंगे।

लेकिन इस ताजपोशी को लेकर पार्टी की पूर्व नेता और लालू परिवार की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखा हमला बोला है। रोहिणी ने तेजस्वी यादव को “घुसपैठियों के हाथ की कठपुतली” बताते हुए सोशल मीडिया पर निशाना साधा और लिखा, “सियासत के शिखर-पुरुष की गौरवशाली पारी का पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और गिरोह-ए-घुसपैठ को उनके हाथों की कठपुतली बने शहजादा की ताजपोशी मुबारक।”

इससे पहले रोहिणी ने लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा कि जो भी सच में लालूवादी होगा और जिसने पार्टी के हाशिए पर खड़ी आबादी और वंचितों के हितों के लिए संघर्ष किया, वह पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेदार लोगों से सवाल करेगा। रोहिणी ने आरोप लगाया कि पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों और घुसपैठियों के हाथों में चली गई है, जो लालूवाद को तहस-नहस करने के टास्क के साथ पार्टी में प्रवेश कर चुके हैं।

उन्होंने तेजस्वी यादव पर भी सवाल उठाया कि अगर वह सवालों से बचते हैं, जवाब नहीं देते और भ्रम फैलाते हैं, तो इसका मतलब है कि वे साजिशकर्ताओं के साथ मिलीभगत कर रहे हैं। रोहिणी ने स्पष्ट किया कि पार्टी की हितकारी और निःस्वार्थ लड़ाई करने वालों के साथ दुर्व्यवहार और अभद्र भाषा का प्रयोग बिल्कुल अस्वीकार्य है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में लड़े गए बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के बावजूद उन्हें पार्टी की कमान देना परिवार और पार्टी में नई खींचतान को दर्शाता है। तेज प्रताप यादव के पार्टी से हटाए जाने और रोहिणी आचार्य के लालू परिवार से रिश्ते तोड़ने की घटनाओं ने परिवार और पार्टी में मतभेदों को और बढ़ा दिया है।

पटना में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में तेजस्वी यादव को औपचारिक रूप से आरजेडी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। अब पार्टी के सभी राजनीतिक और संगठनात्मक फैसले तेजस्वी के नेतृत्व में लिए जाएंगे।बिहार राजनीति में यह घटनाक्रम साफ़ करता है कि लालू परिवार के अंदर भी विवाद और सत्ता संघर्ष अभी भी जारी है। तेजस्वी की ताजपोशी और रोहिणी का तीखा तंज दोनों ही यह संकेत देते हैं कि पार्टी के भविष्य में राजनीतिक गठजोड़ और आंतरिक संघर्ष अभी भी हल नहीं हुए हैं।