Jobs for Land Case: दिल्ली कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी-तेज प्रताप समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय किए

दिल्ली कोर्ट ने नौकरी के बदले जमीन मामले में लालू यादव और उनके परिवार समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय किए हैं।

Jobs for Land Case: दिल्ली कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी-तेज प्रताप समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय किए
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Jobs for Land Case: नौकरी के बदले जमीन हथियाने के मामले में दिल्ली की अदालत ने बड़ा आदेश सुनाया है। कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटी मीसा भारती सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का फैसला किया है। इस मामले में कुल 40 से अधिक लोगों पर आरोप तय किए गए हैं।

अदालत ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय करते हुए भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में भी मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला गंभीर प्रकृति का है।

कोर्ट ने यह भी अहम टिप्पणी की कि यह केस केवल अलग-अलग लेनदेन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक संगठित आपराधिक गतिविधि का संकेत देता है। आरोपपत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीनें आरोपियों या उनके परिजनों के नाम पर ली गईं।

अदालत के अनुसार, जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए दस्तावेज, गवाहों के बयान और लेनदेन से जुड़े सबूत इस ओर इशारा करते हैं कि यह पूरा मामला योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। इसी आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

हालांकि, इस मामले में अदालत ने 52 लोगों को बरी भी कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए।

अब इस मामले में आरोप तय होने के बाद नियमित ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह केस बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।