UGC नियम से लेकर लैंड फॉर जॉब केस तक बोले अरुण भारती, ममता बनर्जी पर भी साधा निशाना
लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के सांसद अरुण भारती ने यूजीसी के नए नियम को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले का कोर्ट में जाना यह दर्शाता है कि अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग चिंताएं सामने आई हैं।
NBC24 DESK - लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के सांसद अरुण भारती ने यूजीसी के नए नियम को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले का कोर्ट में जाना यह दर्शाता है कि अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग चिंताएं सामने आई हैं। सभी हितधारकों से बातचीत की जाएगी और दोनों पक्षों को सुना जाएगा। इसके बाद संविधान सम्मत तरीके से जो भी फैसला होगा, उसे सभी को स्वीकार करना पड़ेगा।वहीं लालू प्रसाद यादव के लैंड फॉर जॉब मामले में कोर्ट द्वारा केस चलाने के आदेश पर अरुण भारती ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। अदालत में आरोप तय हो चुके हैं और अब सभी पक्षों को अपनी-अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलेगा। यह एक न्यायिक प्रक्रिया है, जो संविधान के तहत चल रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रक्रियाओं को चलने देना चाहिए,

जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।इसके साथ ही अरुण भारती ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अजीत पवार के निधन को लेकर उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई संवैधानिक पद पर रहते हुए बार-बार जांच एजेंसियों और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़ा करता है, तो यह दर्शाता है कि उसे संविधान पर भरोसा नहीं है।अरुण भारती ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का दायित्व है कि वह संविधान की गरिमा बनाए रखे। जब जांच होती है, तो सभी पहलुओं की जांच की जाती है और उसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट तक में कार्रवाई होती है। जांच एजेंसियों पर भरोसा रखना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास करना चाहिए। संवैधानिक पद पर रहते हुए इस तरह के बयान देना उचित नहीं है।
Manshi Pandey