ममता सरकार के अन्याय के आगे कर्मचारियों के न्याय की जीत ऐतिहासिक: मंगल पांडेय

The victory of justice for the employees against the injustice of the Mamata government is historic: Mangal Pandey

ममता सरकार के अन्याय के आगे कर्मचारियों के न्याय की जीत ऐतिहासिक: मंगल पांडेय
Image Slider
Image Slider
Image Slider

पटना। बिहार के स्वास्थ्य व विधि मंत्री तथा पश्चिम बंगाल भाजपा प्रभारी मंगल पांडेय ने ममता सरकार पर अपने कर्मचारियों के दमन व शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार और उनके कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चल रही महंगाई भत्ते (डीए) के विवाद में सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि कई सालों की लड़ाई अैर संघर्ष के बाद यहां राज्य सरकार के कर्मचारियों को आखिरकार कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक उनके हक का महंगाई भत्ता मिलने वाला है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि कर्मचारियों की एकता, धैर्य और पक्के इरादे का सबूत है। जिसे ममता सरकार साजिश व दमनकारी नीतियों के तहत लगातार नजर अंदाज कर रही थी। 

मंगल पांडेय ने बंगाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की नाकाम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने काफी समय तक सरकारी कर्मचारियों को उनका जायज हक नहीं दिया। वहीं राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता रोकने की पुरजोर कोशिश में जनता के पैसों का दुरुपयोग करते हुए कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कई बड़े वकीलों को हायर किए। साथ ही कर्मचारियों के जायज आंदोलन पर पुलिसिया कार्रवाई भी की। उन्हें डराने और रोकने के लिए अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां भी की गईं। लगातार दमन और अन्याय के बावजूद, राज्य के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी। एक लंबे और सिद्धांतों वाले संघर्ष के जरिए, उन्होंने आज वह हासिल किया है। जो उनका हक है। यह जीत अन्याय के खिलाफ न्याय की जीत है।

मंगल पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा देश की सबसे बड़ी अदालत ने साफ तौर पर कहा है कि महंगाई भत्ता न तो कोई रियायत है और न ही कोई खैरात, बल्कि यह कर्मचारियों का एक कानूनी और अटूट अधिकार है। इस खास मौके पर मैं सभी राज्य सरकार के कर्मचारियों को उनकी ऐतिहासिक जीत और अपने जायज दावों की रक्षा के लिए दिल से बधाई देता हूं। आज सीएम ममता गलत साबित हुईं। उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए बार-बार कहा है कि ’’डीए’’ कर्मचारियों का अधिकार नहीं है। मगर देश की सबसे बड़ी अदालत ने साफ कहा है कि डीए कर्मचारियों का कानूनी तौर पर सही अधिकार है, कोई ग्रांट नहीं। अब आने वाले विधानसभा चुनावों में ममता की पार्टी को जनता सबक सिखाएगी।

पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट