आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों को जीविका दीदीयों द्वारा निर्मित पोशाक का हुआ वितरण
पटना में दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को जीविका दीदीयों द्वारा निर्मित पोशाक वितरित की गई। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री श्रवण कुमार और मंत्री मदन सहनी ने किया। इस पहल से बच्चों को ठंड से राहत मिलेगी और स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। कार्यक्रम ने बच्चों, महिलाओं और समाज के बीच सकारात्मक संदेश और उत्साह भी बढ़ाया।
पटना: दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को जीविका दीदीयों द्वारा निर्मित पोशाक वितरित की गई। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को ठंड के मौसम में गर्म कपड़े उपलब्ध कराना और साथ ही ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस पहल के तहत महिलाओं ने अपने हुनर और मेहनत से पोशाक तैयार की, जो अब सीधे बच्चों तक पहुँच रही हैं।

इस अवसर पर मंत्री श्रवण कुमार और मंत्री मदन सहनी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया और बच्चों के बीच पोशाक का वितरण किया। कार्यक्रम में अन्य वरिष्ठ अधिकारी और समाज के लोग भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल न केवल बच्चों की जरूरतें पूरी करती है, बल्कि स्थानीय महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में भी मदद करती है।
पोशाक वितरण कार्यक्रम की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई। बच्चों को पोशाक मिलते ही उनकी खुशी देखते ही बन रही थी। इस तरह के कार्यक्रमों से यह संदेश भी जाता है कि राज्य सरकार बच्चों और महिलाओं दोनों के कल्याण के लिए गंभीर कदम उठा रही है।

जीविका दीदीयों के इस प्रयास की वजह से अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चे ठंड से बचेंगे और सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई और खेल का आनंद ले सकेंगे। इस कार्यक्रम से यह भी साबित होता है कि साझा प्रयास और समाजिक सहभागिता किसी भी योजना की सफलता की कुंजी हैं।
इस कार्यक्रम ने बच्चों, महिलाओं और समाज के बीच सकारात्मक संदेश और उत्साह पैदा किया, जिससे आगे भी ऐसे सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिलेगा।
pragatisharma3959