लापता अफरोज की तलाश में उमड़ा जनआक्रोश, ग्रामीणों ने निकाला मौन जुलूस, एसपी से लगाई न्याय की गुहार

खैरा थाना क्षेत्र के बानपुर गांव निवासी भुट्टू खान के पुत्र मो. अफरोज खान के एक महीने से लापता होने के मामले में पुलिस को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। 17 दिसंबर की रात कोल्हुआ चौक के पास से रहस्यमय तरीके से गायब हुए मो. अफरोज खान का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस घटना को लेकर बुधवार को अफरोज की मां, पत्नी सिमरन खातून और अन्य परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने काला पट्टी लगाकर शहर में मौन जुलूस निकाला। विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा,

लापता अफरोज की तलाश में उमड़ा जनआक्रोश, ग्रामीणों ने निकाला मौन जुलूस, एसपी से लगाई न्याय की गुहार
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NBC24 DESK - खैरा थाना क्षेत्र के बानपुर गांव निवासी भुट्टू खान के पुत्र मो. अफरोज खान के एक महीने से लापता होने के मामले में पुलिस को लेकर ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। 17 दिसंबर की रात कोल्हुआ चौक के पास से रहस्यमय तरीके से गायब हुए मो. अफरोज खान का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस घटना को लेकर बुधवार को अफरोज की मां, पत्नी सिमरन खातून और अन्य परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने काला पट्टी लगाकर शहर में मौन जुलूस निकाला।  विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंचा, जहां परिजनों ने एसपी विश्वजीत दयाल को एक लिखित आवेदन सौंपकर अफरोज को जल्द से जल्द खोजने की मांग की। जुलूस के दौरान परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच समाहरणालय परिसर में प्रवेश को लेकर बहस और नोंकझोंक भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अफरोज के लापता होने के बाद से लगातार थाना और एसपी कार्यालय का चक्कर लगाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई या परिणाम सामने नहीं आया है। परिजनों ने बताया कि कोल्हुआ निवासी गुड्डू राम द्वारा अफरोज को पूर्व में धमकी दी गई थी, जिसका ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है। इसके बावजूद पुलिस ने उस दिशा में गंभीरता से जांच नहीं की। हालांकि गुड्डू राम को एक अन्य अगलगी मामले में जेल भेज दिया गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि यह कार्रवाई अफरोज मामले से ध्यान भटकाने के लिए की गई। पीडि़ता पत्नी सिमरन खातून ने बताया कि 17 दिसंबर की रात उनके पति दवा लाने के लिए घर से कोल्हुआ चौक गए थे। रात करीब 9 बजे फोन पर बात हुई थी, जिसमें उन्होंने जल्द लौटने की बात कही थी। इसके कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल बंद हो गया और फिर आज तक कोई संपर्क नहीं हो सका। 18 दिसंबर से लगातार पुलिस से गुहार लगाई जा रही है, यहां तक कि सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया गया था, लेकिन अब तक अफरोज के जीवित या मृत होने की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। परिजनों का कहना है कि इस अनिश्चितता ने पूरे परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया है और सभी किसी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं। वहीं, एसपी विश्वजीत दयाल ने पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अफरोज को खोजने का प्रयास तेज किया जाएगा।