तेजस्वी के बयान पर शांभवी चौधरी का पलटवार, बोलीं– महिलाओं पर टिप्पणी RJD की सोच उजागर करती है”

राबड़ी देवी के द्वारा नित छात्र पर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रियासांसद शांभवी चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें हराने के लिए बीजेपी ने 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए।शांभवी चौधरी ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए लागू की गई योजनाओं को किस आधार पर गलत ठहराया जा रहा है।

तेजस्वी के बयान पर शांभवी चौधरी का पलटवार, बोलीं– महिलाओं पर टिप्पणी RJD की सोच उजागर करती है”
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Nbc24 desk - राबड़ी देवी के द्वारा नित छात्र पर दिए गए बयान पर भी प्रतिक्रियासांसद शांभवी चौधरी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें हराने के लिए बीजेपी ने 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए।शांभवी चौधरी ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए लागू की गई योजनाओं को किस आधार पर गलत ठहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के लिए कल्याणकारी योजनाएं सिर्फ 2025 में नहीं, बल्कि 2005 से लगातार लागू की जा रही हैं।तेजस्वी यादव द्वारा “10 हजार रुपये में बिहार की महिलाएं बिक गईं” जैसी टिप्पणी पर शांभवी चौधरी ने तीखा ऐतराज जताते हुए कहा कि यह बयान महिलाओं के प्रति उनकी सोच और संस्कार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सदन में इस तरह की भाषा

का इस्तेमाल करना न सिर्फ अनुचित है, बल्कि बिहार की महिलाओं और बेटियों का अपमान भी है।उन्होंने कहा कि बार-बार इस तरह की टिप्पणियां यह स्पष्ट करती हैं कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राजद की सामूहिक विचारधारा को दर्शाता है। महिलाओं से जुड़े जनहित के कार्यों पर इस तरह के शब्दों का प्रयोग करना निंदनीय है।राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शांभवी चौधरी ने कहा कि विपक्ष केवल देश और सदन का समय बर्बाद कर रहा है। उन्होंने जननायक कर्पूरी ठाकुर का हवाला देते हुए कहा कि सदन का समय देश का समय होता है और जनप्रतिनिधियों को नीति निर्माण और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि सदन के लगभग 19 घंटे बर्बाद हो चुके हैं। बार-बार नारेबाज़ी और अमर्यादित भाषा से सबसे ज्यादा नुकसान पहली बार सांसद बनने वालों को होता है, जिनका प्रश्नकाल बाधित हो जाता है।प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि विचारधाराएं अलग हो सकती हैं, लेकिन पद की गरिमा और मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।वहीं, राबड़ी देवी द्वारा नीट छात्र की मौत को लेकर दिए गए बयान पर शांभवी चौधरी ने कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप आम हैं, लेकिन बिना प्रमाण किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी एक वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रही हैं, उन्हें इस तरह के बयान देने से बचना चाहिए और यदि आरोप लगाए जाते हैं तो उनका स्पष्टीकरण भी देना चाहिए।