बिहार के बड़े शहरों की जर्जर संपर्क सड़कों का होगा कायाकल्प, डिप्टी CM विजय कुमार सिन्हा के सख्त निर्देश
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बड़े शहरों की जर्जर संपर्क सड़कों की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। नागरिक शिकायतों के लिए कॉल सेंटर और व्हाट्सएप नंबर शुरू होगा, 11 नए शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य तेज किए जाएंगे और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ाई जाएगी।
PATNA:बिहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जल्द ही जर्जर संपर्क सड़कों की समस्या से राहत मिलने वाली है। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के बड़े शहरों में खराब हो चुकी संपर्क सड़कों की स्थिति सुधारने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नगर निगम स्तर पर ऐसी सभी सड़कों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनके निर्माण और मरम्मत का काम कराया जाए।
मंगलवार को विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी इलाकों में मुख्य सड़कों के साथ-साथ मोहल्लों और कॉलोनियों को जोड़ने वाली संपर्क सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिससे आम लोगों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि खराब सड़कों के कारण न सिर्फ यातायात बाधित होता है, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
नगर निगमों को चरणबद्ध कार्ययोजना बनाने के निर्देश
विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों से कहा कि नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी जर्जर सड़कों की सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उनके निर्माण और मरम्मत का काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क व्यवस्था दुरुस्त होने से शहरी यातायात सुगम होगा और नागरिकों की समस्याएं कम होंगी।

11 नए शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों में तेजी
समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने राज्य में प्रस्तावित 11 नए शहरों में चल रहे आधारभूत संरचना कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सड़क, जलापूर्ति, नाला निर्माण, स्ट्रीट लाइट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सहित सभी मूलभूत सुविधाओं के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शहरों का विकास केवल विस्तार के लिए नहीं, बल्कि लोगों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
शिकायतों के लिए बनेगा कॉल सेंटर और व्हाट्सएप नंबर
आम जनता की समस्याओं को सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए उपमुख्यमंत्री ने एक नई व्यवस्था की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से एक समर्पित कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही शिकायत और सुझाव दर्ज कराने के लिए एक विशेष व्हाट्सएप नंबर भी जारी किया जाएगा।उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतों के निपटारे में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कॉल सेंटर और व्हाट्सएप पर आने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और तय समय सीमा के भीतर उनका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
नियमों के सरलीकरण और जवाबदेही पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने विभाग से जुड़े पुराने और अप्रासंगिक कानूनों एवं नियमों की समीक्षा करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय के अनुरूप नियमों में संशोधन कर जनता को अनावश्यक परेशानियों से राहत दी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी।इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिया कि सभी कार्यपालक पदाधिकारी, स्वच्छता पदाधिकारी और सिटी मैनेजर को 15 जनवरी तक सीयूजी (क्लोज्ड यूजर ग्रुप) नंबर जारी किया जाए, ताकि विभागीय कामकाज में तेजी आए और आम नागरिकों को संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क करने में सुविधा हो।
अधिकारियों ने दिया अनुपालन का भरोसा
समीक्षा बैठक में विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा, अपर सचिव मनोज कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी देते हुए उपमुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के शीघ्र अनुपालन का भरोसा दिलाया।कुल मिलाकर, सरकार के इन कदमों से बिहार के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण और शिकायत निवारण की नई व्यवस्था से आम लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
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