बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी व्यवस्था होगी और पारदर्शी
बिहार के विकास के लिए कई तरह की कोशिश की जा रही है स्वास्थ्य वयवस्था को ठीक करने की हर संभव कोशिश की जा रही है सरकारी अस्पतालों को ठीक किया जा रहा ऐसे में सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में विभाग एक बड़ा और अहम कदम उठाने जा रहा है
NBC24 DESK - बिहार के विकास के लिए कई तरह की कोशिश की जा रही है स्वास्थ्य वयवस्था को ठीक करने की हर संभव कोशिश की जा रही है सरकारी अस्पतालों को ठीक किया जा रहा ऐसे में सरकारी अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में विभाग एक बड़ा और अहम कदम उठाने जा रहा है। अब ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) में यह साफ तौर पर ट्रैक किया जाएगा कि डॉक्टर किसी मरीज को वास्तविक रूप से कितना समय दे रहे हैं। इसके लिए ओपीडी में इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिससे डॉक्टर के चैंबर में मरीज द्वारा बिताए गए समय की अलग से रिकॉर्डिंग संभव हो सकेगी।फिलहाल सरकारी अस्पतालों की ओपीडी व्यवस्था में मरीज के रजिस्ट्रेशन से लेकर दवा लेने तक का कुल समय होता है। इस प्रक्रिया में पर्ची कटवाना, कतार में इंतजार, डॉक्टर से मुलाकात, जांच और दवा वितरण—all शामिल रहते हैं। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि डॉक्टर और मरीज के बीच परामर्श में वास्तव में कितना वक्त लगा।
Manshi Pandey