नवादा जिले के सिरदला में चोर समझकर व्यक्ति की पिटाई, थानाध्यक्ष की तत्परता से बची जान
जिले के मेसकौर प्रखंड अंतर्गत परनाडाबर थाना क्षेत्र के बरदाहा बाजार में चोर समझकर पीटे गए उसी व्यक्ति के साथ एक बार फिर अमानवीय घटना सामने आई है। गुरुवार को सिरदला थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव में “चोर-चोर” के हल्ले के बीच लोगों ने उक्त व्यक्ति को संदिग्ध मानते हुए दौड़ा दिया। जान ब
नवादा : जिले के मेसकौर प्रखंड अंतर्गत परनाडाबर थाना क्षेत्र के बरदाहा बाजार में चोर समझकर पीटे गए उसी व्यक्ति के साथ एक बार फिर अमानवीय घटना सामने आई है। गुरुवार को सिरदला थाना क्षेत्र के अहियापुर गांव में “चोर-चोर” के हल्ले के बीच लोगों ने उक्त व्यक्ति को संदिग्ध मानते हुए दौड़ा दिया। जान बचाने के लिए वह भागता हुआ अकौना गांव की ओर चला गया, जहां भीड़ ने उसे पकड़ लिया और दोबारा चोर समझकर उसकी पिटाई शुरू कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ में शामिल लोग उत्तेजित थे और बिना सच्चाई जाने लात-घूंसे से मारपीट कर रहे थे। स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही थी। इसी बीच किसी ने सिरदला थाना को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद व्यक्ति को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की समय पर कार्रवाई से एक बार फिर उसकी जान बच सकी।

थाना अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में व्यक्ति मानसिक रूप से विकलांग प्रतीत होता है। वह स्पष्ट रूप से अपना नाम-पता नहीं बता पा रहा है। कभी वह रजौली के एक होटल की जानकारी देता है तो कभी गोपी मोड़ का नाम ले रहा है, जिससे यह साफ होता है कि उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। पुलिस ने मानवता दिखाते हुए उसे सिरदला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उसका प्राथमिक इलाज चल रहा है।
थाना अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस व्यक्ति की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है, ताकि उसे सुरक्षित उसके उपयुक्त स्थान तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि अफवाहों के आधार पर कानून को अपने हाथ में न लें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखकर मारपीट करने के बजाय पुलिस को सूचना दें।लगातार दूसरी बार इस व्यक्ति के साथ हुई घटना ने समाज की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर सिरदला पुलिस और थाना अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार की तत्परता, मानवीय सोच और जिम्मेदार भूमिका सराहनीय रही, जिनकी वजह से एक बेसहारा और विक्षिप्त व्यक्ति की जान समय रहते बचाई जा सकी।
नवादा से सुनील कुमार की रिपोर्ट
Manshi Pandey