नवादा के एक नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या के दौरान एक विवाहिता महिला की दर्दनाक मौत

नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत, कानून और समाज—तीनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अवैध रूप से संचालित एक नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या के दौरान एक विवाहिता महिला की दर्दनाक मौत हो गई।

नवादा के एक नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या के दौरान एक विवाहिता महिला की दर्दनाक मौत
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 navada:खबर नवादा जिले के अकबरपुर प्रखंड से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत, कानून और समाज—तीनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अवैध रूप से संचालित एक नर्सिंग होम में भ्रूण हत्या के दौरान एक विवाहिता महिला की दर्दनाक मौत हो गई। यह मौत केवल एक महिला की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता की कहानी है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार अकबरपुर क्षेत्र में उमा देवी के नाम से घर में ही एक अवैध नर्सिंग होम संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जांच के दौरान भ्रूण के बेटी होने की पुष्टि होने के बाद परिजनों और संचालकों ने मिलकर गर्भपात कराने का निर्णय लिया। लालच, दबाव और सामाजिक सोच के आगे एक मासूम बेटी के अस्तित्व को मिटा दिया गया—और उसी प्रक्रिया में महिला ने भी अपनी जान गंवा दी।

सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि घटना के बाद सच्चाई को सामने आने से रोकने के लिए परिजनों को शुभ-लाभ का लालच देकर चुप कराने की कोशिश की जा रही है। पीड़िता की मौत को सामान्य दिखाने, मामले को दबाने और जिम्मेदारों को बचाने का खेल शुरू हो चुका है।

यह घटना सिर्फ एक अवैध नर्सिंग होम की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो आज भी बेटी को बोझ मानती है। सवाल यह है कि प्रशासन की आंखों के सामने ऐसे अवैध नर्सिंग होम कैसे फल-फूल रहे हैं? भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध पर निगरानी व्यवस्था कहां सोई हुई है?पीड़िता को इंसाफ और समाज को जवाब चाहिए।

नवादा से सुनील कुमार की रिपोर्ट।