CM नीतीश की कलाकारों को बड़ी सौगात: 50 साल से ऊपर के कलाकारों को मिलेगी पेंशन, डिजिटल पोर्टल से होगा रजिस्ट्रेशन
बिहार सरकार ने कलाकारों के लिए डिजिटल पोर्टल शुरू किया है, जिसके जरिए सभी कलाकार पंजीकरण कर सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। 50 वर्ष से अधिक उम्र के पात्र कलाकारों को 3000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी और पंजीकृत कलाकारों को ही सरकारी मंचों पर अवसर मिलेगा।
बिहार सरकार|बिहार सरकार ने राज्य के कलाकारों के लिए एक ऐतिहासिक और राहत भरा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने कलाकारों के संवर्धन, सम्मान और आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं का लाभ सीधे कलाकारों तक पहुंचाने के लिए विभाग द्वारा एक डिजिटल पोर्टल विकसित किया गया है, जिस पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
इस डिजिटल पोर्टल के माध्यम से गीत, संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला, शिल्प, लेखन, लोक कला सहित विभिन्न विधाओं में कार्यरत कलाकार घर बैठे पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकृत कलाकारों को न केवल सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी, बल्कि उन्हें प्रखंड, जिला और राज्य स्तर के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलेगा।
इस योजना की खास बात यह है कि किसी भी उम्र के कलाकार इस पोर्टल पर पंजीकरण करा सकते हैं। जिले के कवि, कहानीकार, चित्रकार, गायक, वादक, नर्तक, उद्घोषक, शिल्पकार समेत कला के किसी भी क्षेत्र में सक्रिय कलाकार इसके लिए पात्र हैं। उम्र की कोई सीमा तय नहीं की गई है, ताकि युवा और वरिष्ठ दोनों वर्ग के कलाकार सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
राज्य सरकार ने पहली बार 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के कलाकारों के लिए मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र कलाकारों को हर महीने 3000 रुपये की पेंशन सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह कदम उन वरिष्ठ कलाकारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा, जिन्होंने वर्षों तक कला के क्षेत्र में योगदान दिया है। जिले से अब तक स्थानीय कलाकार नवल भारती सहित दो कलाकारों ने इस पेंशन योजना के लिए आवेदन किया है।
कला, संस्कृति एवं युवा विभाग कलाकारों के लिए आधुनिक सुविधाएं भी विकसित कर रहा है। जिले में जल्द ही एक आधुनिक कला भवन उपलब्ध कराया जाएगा, जहां कलाकारों को प्रशिक्षण, रिहर्सल और प्रस्तुति की सुविधा मिलेगी। विभाग का मानना है कि इससे स्थानीय प्रतिभाओं को निखरने का बेहतर मंच मिलेगा।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो कलाकार डिजिटल पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराएंगे, उन्हें सरकारी कार्यक्रमों में मंच नहीं मिलेगा। कला संस्कृति पदाधिकारी लखीसराय मृणाल रंजन ने बताया कि डिजिटल पंजीकरण से पारदर्शिता बढ़ेगी और कलाकारों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा। ऐसे में सभी कलाकारों से समय रहते पंजीकरण कराने की अपील की गई है |
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