बिहार सरकार के कार्य को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिनाया गया

बिहार सरकार के मंत्री माह के आखिरी बुधवार को हमेशा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग द्वारा की गई कार्य को गिनाया जाता हैं.... इसकी क्रम में आज आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मोहम्मद गफाक के द्वारा प्रेस कांफ्रेंस कर कहा गया कि

बिहार सरकार के कार्य को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गिनाया गया
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NBC24 DESK - बिहार सरकार के मंत्री माह के आखिरी बुधवार को हमेशा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विभाग द्वारा की गई कार्य को गिनाया जाता हैं....इसकी क्रम में आज आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मोहम्मद गफाक के द्वारा प्रेस कांफ्रेंस कर कहा गया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा आयोजित प्रमुख प्रशिक्षण संवेदीकरण कार्यक्रमदिव्यांगजनों का आपदाओं से सुरक्षा संबंधी कार्यक्रमबिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की आपदाओं से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उनके अभिभावकों/शिक्षकों के लिए आपदा जोखिम न्यूनीकरण प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार की गई है। इसके अंतर्गत अब तक लगभग 1352 दिव्यांग बच्चों को तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से आपदाओं से बचाव एवं सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षित किया गया है।

शिक्षा विभाग के माध्यम से राज्य के सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों (सरकारी/निजी एवं मदरसा सहित) में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को आपदाओं के जोखिमों की पहचान, उनके प्रभावों को कम करने के उपायों की समझ विकसित करना, बच्चों का कौशल विकास करना तथा बच्चों के माध्यम से राज्य में आपदा सुरक्षा की संस्कृति को सुदृढ़ करना है।इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सरकारी विद्यालयों में सुरक्षा शनिवार कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025 में 4363 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। मध्य विद्यालय के 1057 शिक्षकों साथ ही, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 3306 शिक्षकों को दो दिवसीय राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर चन्द्रगुप्त संस्थान पटना में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।1005 मदरसा के फोकल शिक्षिकों का दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण अंजुमन तरक्की उर्दू भवन पटना में प्रदान किया गया।डूबने से होने वाली मौतों की रोकथामनदियों, जलाशयों सहित मानव निर्मित गड्डों में डूबकर मरने वालों की संख्या में वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए, वर्ष 2030 तक डूबने से होने वाली मौतों की संख्या में 50 प्रतिशत कमी लाने के उद्देश्य से 6 से 10 वर्ष के बच्चों तथा 11 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों के लिए सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।

डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम

एसडीआरएफ के सहयोग से डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम हेतु जन-जागरुकता सप्ताह के दौरान संवेदीकरण एवं मॉकड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2400 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

साथ ही, सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 96 मास्टर ट्रेनर्स (पुरुष/महिला) को भी प्रशिक्षित किया गया।

ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयकों का आपदा संबंधी सवेदिकरण सह प्रशिक्षण

आपदा प्रबंधन के लिए संवेदीकरण कार्यक्रमों के अंतर्गत पंचायत स्तर पर 5 जिलों के कुल 483 ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।इसके अतिरिक्त, आंगनवाड़ी सेविकाओं को प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 2241 आंगनवाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया।

स्वास्थ्य कर्मियों का आपदा जोखिम न्यूनीकरण सुनिश्चित करने हेतु अस्पताल आकस्मिक प्रबंधन विषय पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कुल 482 स्वास्थ्य कर्मियों ने सहभागिता की।

शहरी बस्तियों/झुग्गी-झोपड़ियों में आग लगने से जोखिम एवं रोकथाम के लिए जन-जन जागरूकता कार्यक्रम

लगभग 5,000 लोग मजदूर श्रमिक वर्ग समाज के हाशिये पर जीवनयापन करने वाले, विशेषकर अति संवेदनशील शहरी बस्ती/झुग्गी-झोपड़ी, पटना जागरूक किया गया।

सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के तहत युवकों/युवतियों को प्रशिक्षण

सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के तहत 16374 युवकों/युवतियों को युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण दिया गया।

जीविका दीदियों का प्रशिक्षण

जीविका दीदियों के आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन विषयक प्रशिक्षण हेतु प्राकृतिक आपदाएँ, मानव जनित आपदाएँ, स्वास्थ्य संबंधी आपदाएँ एवं सामाजिक आपदाएँ विषयों पर आधारित चार प्रशिक्षण मॉडयूल सामग्री तैयार की गई हैं।.