सरकारी फाइल पर कुंडली मारकर बैठे थे अफसर,डिप्टी सीएम की नजर पड़ी और उड़ गई कुर्सी

पटना में नगर विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान एक अहम फाइल को दबाकर रखने का मामला सामने आते ही डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सख्त कार्रवाई की। जांच में लापरवाही और अनुशासनहीनता साबित होने पर शाखा अधिकारी और सहायक शाखा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इस कदम से विभाग में जवाबदेही और सख्ती का स्पष्ट संदेश गया है।

सरकारी फाइल पर कुंडली मारकर बैठे थे अफसर,डिप्टी सीएम की नजर पड़ी और उड़ गई कुर्सी
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पटना। बिहार सरकार में लापरवाह अफसरों के लिए अब कोई जगह नहीं! नगर विकास एवं आवास विभाग की एक समीक्षा बैठक उस वक्त हड़कंप का कारण बन गई, जब डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के सामने एक महत्वपूर्ण फाइल को जानबूझकर दबाकर रखने का मामला उजागर हो गया। कार्रवाई इतनी तेज थी कि बैठक के बाद कुर्सी संभालने का मौका भी नहीं मिला और दो अफसरों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया।निलंबन की गाज गिरी है शाखा अधिकारी उमेश्वर कुमार सिंह और सहायक शाखा अधिकारी जितेंद्र कुमार पर। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने एक अहम प्रशासनिक फाइल को तय समय सीमा के भीतर प्रस्तुत नहीं किया, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित हुआ।

समीक्षा बैठक में पकड़ी गई ‘फाइल चोरी’

करीब एक सप्ताह पहले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने कार्यपालक अधिकारी कुमार ऋत्विक के विभाग में योगदान से जुड़ी एक फाइल तलब की। लेकिन फाइल पेश करने में अधिकारियों ने लगातार टालमटोल शुरू कर दी। जब देरी जरूरत से ज्यादा बढ़ी, तो मंत्री को शक हुआ।डिप्टी सीएम ने उसी वक्त पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि फाइल जानबूझकर दबाकर रखी गई थी और यह सीधी तौर पर कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता का मामला है।

शो-कॉज नोटिस भी नहीं बचा सका कुर्सी

जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause) जारी किया गया। लेकिन अधिकारियों की ओर से दिया गया जवाब विभाग और मंत्री—दोनों को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बिना देर किए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

डिप्टी सीएम का सख्त संदेश

विजय कुमार सिन्हा ने दो टूक कहा कि “सुशासन की सरकार में फाइल दबाने, देरी करने या लापरवाही बरतने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। सरकारी काम जनता से जुड़ा होता है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

महकमे में हड़कंप, अफसरों में खौफ

इस सख्त कार्रवाई के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग में हड़कंप मच गया है। कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच साफ संदेश चला गया है कि अब फाइलों पर बैठकर समय काटने वालों की खैर नहीं।डिप्टी सीएम की यह कार्रवाई न सिर्फ लापरवाह अफसरों के खिलाफ चेतावनी है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सरकार अब जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में है।