बिहार में शराब माफियाओं पर बड़ा प्रहार, 24 तस्करों की संपत्ति जब्ती की तैयारी,सम्राट चौधरी के आदेश पर होगी कार्रवाई

बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। आठ जिलों में सक्रिय 24 कुख्यात शराब माफियाओं पर जिला बदर और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। यह कार्रवाई डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश पर की जा रही है।

बिहार में शराब माफियाओं पर बड़ा प्रहार, 24 तस्करों की संपत्ति जब्ती की तैयारी,सम्राट चौधरी के आदेश पर होगी कार्रवाई
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पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने के लिए राज्य सरकार ने शराब माफियाओं के खिलाफ बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। डिप्टी सीएम सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बिहार पुलिस और मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आठ जिलों में सक्रिय 24 कुख्यात शराब माफियाओं के खिलाफ जिला बदर और संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

24 माफिया चिन्हित, 167 आपराधिक मामले दर्ज

सरकारी जानकारी के अनुसार, चिन्हित 24 शराब माफियाओं के खिलाफ अलग-अलग पुलिस और उत्पाद थानों में कुल 167 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें अवैध शराब की तस्करी, परिवहन और बिक्री जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। यह आंकड़ा बिहार में सक्रिय संगठित शराब तस्करी नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है।

13 जेल में, 11 जिला बदर

इन 24 शराब माफियाओं में से 13 फिलहाल जेल में बंद हैं, जबकि 11 के खिलाफ बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA-3) के तहत जिला बदर या निषिद्ध किए जाने की कार्रवाई की जा चुकी है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम माफियाओं की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ उनके नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के उद्देश्य से उठाया गया है।

अब संपत्ति जब्ती पर जोर

इस अभियान की सबसे अहम बात यह है कि अब सिर्फ गिरफ्तारी या जिला बदर तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। शराब तस्करी से अर्जित चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत की जा रही है, ताकि माफियाओं की आर्थिक रीढ़ तोड़ी जा सके।

जिलावार कार्रवाई का ब्योरा

  • बेगूसराय : 5 शराब माफिया
  • सारण : 4
  • गोपालगंज और भागलपुर : 3-3
  • पटना, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण : 2-2
  • मुजफ्फरपुर, नवादा, दरभंगा, अररिया, पूर्णिया : 1-1

यह आंकड़े बताते हैं कि शराब तस्करी का नेटवर्क सीमावर्ती और आंतरिक जिलों में समान रूप से फैला हुआ है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा

जांच में सामने आया है कि शराब माफिया अन्य राज्यों से ट्रकों के जरिए भारी मात्रा में शराब बिहार लाते हैं। फर्जी दस्तावेज, गुप्त तरीके से ढुलाई और स्थानीय एजेंटों के माध्यम से बिक्री इनका मुख्य तरीका रहा है।सम्राट चौधरी के निर्देश पर सख्तीगौरतलब है कि इससे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने शराब माफिया और भू-माफिया की सूची तैयार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी के बाद यह व्यापक अभियान शुरू किया गया है, जिससे माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।

सरकार का सख्त संदेश

राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि शराबबंदी कानून से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जिला बदर और संपत्ति जब्ती जैसे कठोर कदम यह संकेत देते हैं कि अब बड़े माफियाओं की जड़ पर वार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज होने की संभावना है|