बिहार DGP का बड़ा खुलासा, 60% अपराध की जड़ जमीन विवाद, मंत्री विजय सिन्हा के सामने बड़ी चुनौती

बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने खुलासा किया है कि राज्य में 50 से 60 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं की जड़ जमीन विवाद है।समय पर जमीन विवाद नहीं सुलझने से हत्या और गोलीबारी जैसी घटनाएं सामने आती हैं, जबकि पुलिस का हस्तक्षेप सीमित रहता है।इस खुलासे के बाद जमीन विवादों के निपटारे को लेकर मंत्री विजय सिन्हा की भूमिका और अहम हो गई है।

बिहार DGP का बड़ा खुलासा, 60% अपराध की जड़ जमीन विवाद, मंत्री विजय सिन्हा के सामने बड़ी चुनौती
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Bihar News:बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर पुलिस महकमे की तरफ से एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने कहा है कि राज्य में होने वाली करीब 50 से 60 प्रतिशत आपराधिक घटनाओं की वजह जमीन विवाद है। समय रहते इन विवादों का निपटारा नहीं होने के कारण मामूली झगड़े धीरे-धीरे हत्या, गोलीबारी और गंभीर अपराधों में बदल जाते हैं।

डीजीपी विनय कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जमीन से जुड़े मामलों का मूल संबंध राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से है। पुलिस के पास न तो राजस्व रिकॉर्ड होता है, न नक्शा और न ही खतियान, ऐसे में जमीन विवादों का समाधान करना पुलिस के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। यही वजह है कि पुलिस इन मामलों में सीधे हस्तक्षेप नहीं करती। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि जैसे ही जमीन विवाद आपराधिक घटना का रूप लेता है, पुलिस सख्त कार्रवाई करती है।

डीजीपी के मुताबिक, अगर जमीन से जुड़े मामलों का समय पर और पारदर्शी तरीके से निपटारा हो जाए, तो राज्य में अपराध की घटनाओं में बड़ी कमी लाई जा सकती है। उन्होंने माना कि बिहार में होने वाली कई हत्या और फायरिंग की घटनाओं की जड़ में जमीन विवाद ही होता है।

इस पूरे मामले में डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। मंत्री विजय सिन्हा इन दिनों जमीन विवादों को लेकर एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। वे खुद जनता की शिकायतें सुन रहे हैं, अधिकारियों को फटकार लगा रहे हैं और मामलों के जल्द निपटारे के लिए सख्त निर्देश भी दे रहे हैं। कई मामलों में अधिकारियों को अल्टीमेटम तक दिया जा चुका है।

अब डीजीपी के इस बयान के बाद सवाल उठता है कि विजय सिन्हा का अगला कदम क्या होगा? क्या जमीन विवादों के समाधान के लिए कोई नई नीति, फास्ट ट्रैक व्यवस्था या सख्त कानून लाया जाएगा—यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

वहीं, जमीन माफियाओं को लेकर भी डीजीपी विनय कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि जबरन कब्जा करने वालों और जमीन माफियाओं पर बिहार पुलिस की पैनी नजर है और उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस प्रशासन जमीन से जुड़े अपराधों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगा।

कुल मिलाकर, डीजीपी के इस बड़े खुलासे ने साफ कर दिया है कि अगर जमीन विवादों पर समय रहते लगाम लगाई गई, तो बिहार में अपराध पर भी प्रभावी नियंत्रण संभव है। अब निगाहें सरकार और मंत्री विजय सिन्हा के अगले फैसलों पर टिकी हैं।