राजधानी के एनएमसीएच में दलालराज डॉक्टरों की कथित साठगांठ से मरीजों की जेब पर डाका, 55 हजार कैश लेकर खुलेआम खेल
राजधानी के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पताल नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों और दलालों की कथित साठगांठ से मरीजों को लूटा जा रहा है।
NBC24NEWSDESK:राजधानी के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पताल नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डॉक्टरों और दलालों की कथित साठगांठ से मरीजों को लूटा जा रहा है। एक तरफ अस्पताल परिसर में हर जगह “दलालों से सावधान रहें” के बोर्ड लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ दलाल बेखौफ अस्पताल परिसर में घूमते नजर आ रहे हैं। मामला एक ऐसे मरीज का है जिसका हाथ ट्रेन से गिरने के बाद बुरी तरह टूट गया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने साफ तौर पर कहा कि हाथ में रॉड तभी लगेगा जब बाहर से मंगाया जाएगा। इसी के बाद एक दलाल के जरिए 55 हजार रुपये नकद लिए गए।
दलाल एक्सलो कंपनी का कार्डधारी बताया जा रहा है
हैरानी की बात यह है कि मरीज के परिजन उस व्यक्ति को जानते तक नहीं, बस डॉक्टर के कहने पर रुपये दे दिए। दलाल एक्सलो कंपनी का कार्डधारी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह मरीज करीब दो हफ्ते से NMCH में भर्ती है और ऑपरेशन सोमवार, 12 जनवरी को प्रस्तावित है। दलाल मोटरसाइकिल से अस्पताल परिसर में आता-जाता रहा, जिसका नंबर BR 01 EQ 7459 बताया जा रहा है। वहीं, जब इस पूरे मामले पर अस्पताल की अधीक्षक से सवाल किया गया तो उन्होंने किसी भी तरह के दलाल या साठगांठ से साफ इनकार कर दिया और वीडियो सबूत दिखाने की बात कही। हालांकि, वीडियो दिखाने के बाद भी उन्होंने आरोपों को नकार दिया।
सरकारी अस्पतालों में दलालों का यह खेल कब तक चलता रहेगा
अब बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो आखिर सरकारी अस्पतालों में दलालों का यह खेल कब तक चलता रहेगा आपको बता दें कि संबंधित व्यक्ति पटना सिटी के फतुहा का रहने वाला है। मरीज का नाम विनय कुमार बताया जा रहा है, जो फतुहा के रेपुरा केवला टोला का निवासी है। विनय कुमार पिछले करीब दो सप्ताह से नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में भर्ती है। जानकारी के अनुसार, ट्रेन से गिरने की घटना में उसका दायां हाथ बुरी तरह फ्रैक्चर हो गया था। डॉक्टरों की ओर से बताया गया है कि सोमवार को उसकी सर्जरी की जाएगी, जिसमें हाथ में रॉड लगाई जाएगी। वही कमरे पर मरीज से जब पूछा गया कि आपने कितने रुपए दिए हैं रॉड लगाने को लेकर मरीज ने पिता का हवाला देते हुए कहा कि पिताजी ने हीं दिए हैं मुझे नहीं पता.
पटना सिटी अनिल कुमार की रिपोर्ट।
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