सिंगापुर की तर्ज पर पटना में बनेगा वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम, जेपी गंगा पथ को मिल सकती है बड़ी सौगात

पटना के जेपी गंगा पथ पर सिंगापुर की तर्ज पर वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल की इस पहल से पटना को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पहचान मिल सकती है। यह एक्वेरियम मनोरंजन के साथ शिक्षा और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा।

सिंगापुर की तर्ज पर पटना में बनेगा वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम, जेपी गंगा पथ को मिल सकती है बड़ी सौगात
सिंगापुर की तर्ज पर पटना में बनेगा वर्ल्ड क्लास एक्वेरियम, जेपी गंगा पथ को मिल सकती है बड़ी सौगात
Image Slider
Image Slider
Image Slider

बिहार की राजधानी पटना को जल्द ही एक और बड़ी और ऐतिहासिक सौगात मिल सकती है। सिंगापुर की तर्ज पर अब पटना के जे.पी. गंगा पथ (मरीन ड्राइव) पर दुनिया के सबसे बड़े और अत्याधुनिक एक्वेरियम के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर सरकार के पास औपचारिक प्रस्ताव भेज दिया है।

यदि यह योजना जमीन पर उतरती है, तो पटना न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यटन के नक्शे पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है। मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल के मुताबिक, यह एक्वेरियम पूरी तरह वर्ल्ड क्लास होगा, जहां देश-विदेश के दुर्लभ और आकर्षक जलीय जीवों को रखा जाएगा। आम लोग, बच्चे और पर्यटक यहां समुद्री और जलीय जीवन को बेहद करीब से देख और समझ सकेंगे।

यह प्रस्तावित एक्वेरियम केवल मनोरंजन का केंद्र नहीं होगा, बल्कि शिक्षा और रिसर्च के लिहाज से भी अहम भूमिका निभाएगा। बच्चों को जलीय जीवों, पर्यावरण संरक्षण और समुद्री जैव विविधता के बारे में व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। साथ ही यह परियोजना बिहार पर्यटन को नई दिशा देने का काम करेगी।

 जे.पी. गंगा पथ पहले ही पटना का प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट बन चुका है। ऐसे में यहां विशाल और आधुनिक एक्वेरियम का निर्माण होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है। इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और राजधानी की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

फिलहाल सरकार के स्तर पर प्रस्ताव पर विचार चल रहा है। मंजूरी मिलते ही इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। कुल मिलाकर, अगर यह योजना साकार होती है, तो पटना के लोग अपने ही शहर में सिंगापुर जैसा अंतरराष्ट्रीय अनुभव ले सकेंगे। अब सबकी नजरें सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।