Bullet Train बिहार के लिए गेमचेंजर! वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड कॉरिडोर से 4 घंटे में पूरा होगा सफर,बक्सर से किशनगंज तक एलिवेटेड ट्रैक, विकास की नई पटरी तैयार
केंद्रीय बजट 2026 में घोषित वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बिहार के लिए बड़ी सौगात है। यह परियोजना यात्रा समय को 15-17 घंटे से घटाकर 4 घंटे करेगी और राज्य में रोजगार, निवेश व विकास को नई गति देगी।
Bullet Train|केंद्रीय बजट 2026 में घोषित वाराणसी–पटना–सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार के लिए एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी परियोजना के रूप में सामने आया है। यह बुलेट ट्रेन न केवल बिहार को देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जोड़ेगी, बल्कि राज्य में विकास की रफ्तार को भी नई दिशा देगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी से सिलीगुड़ी तक का सफर, जो फिलहाल 15 से 17 घंटे में तय होता है, महज 4 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
फाइनल सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, यह हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बिहार में बक्सर से प्रवेश करेगा। इसके बाद यह भोजपुर, पटना, बेगूसराय, कटिहार और किशनगंज से होते हुए पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक पहुंचेगा। प्रस्तावित स्टेशनों के माध्यम से इन जिलों की राष्ट्रीय स्तर पर कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी।

इस बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की सबसे खास बात यह है कि इसे पूरी तरह एलिवेटेड ट्रैक पर बनाया जाएगा। ट्रैक जमीन से लगभग 12 से 15 मीटर की ऊंचाई पर होगा, जिससे सड़क यातायात और स्थानीय आवाजाही पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। भोजपुर जिले में बुलेट ट्रेन करीब 50 किलोमीटर की दूरी में 38 गांवों से होकर गुजरेगी। इसके लिए लगभग 96 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
आर्थिक दृष्टि से यह परियोजना बिहार के लिए बड़े अवसर लेकर आएगी। बुलेट ट्रेन के निर्माण और संचालन से रोजगार के हजारों अवसर सृजित होंगे। स्टेशनों के आसपास रियल एस्टेट, होटल, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और छोटे उद्योगों में निवेश बढ़ने की संभावना है। विशेष रूप से पटना और उसके आसपास के क्षेत्रों को इसका सबसे अधिक लाभ मिल सकता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बुलेट ट्रेन से बिहार की तस्वीर रातों-रात नहीं बदलेगी। यह एक लंबी अवधि की परियोजना है, जिसका असर धीरे-धीरे दिखाई देगा। बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के जरिए राज्य के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। कुल मिलाकर, वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन बिहार के लिए उम्मीदों की नई पटरी साबित हो सकती है, जिस पर भविष्य की विकास यात्रा दौड़ेगी।
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