पटना के कुर्जी में बनेगा शिप रिपेयर केंद्र, इसी माह से चालू होगी वाटर मेट्रो, जानिए कहां से कहां तक होगा परिचालन

जिलाधिकारी ने कहा कि वाटर मेट्रो भी इसी माह शुरू किए जाने की योजना है। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। आईडब्ल्यूएआई के साथ इस संबंध में नियमित तौर पर बैठक की जा रही है। वाटर मेट्रो प्रारंभ में दीघा से कंगन घाट तक संचालित होगा।

पटना के कुर्जी में बनेगा शिप रिपेयर केंद्र, इसी माह से चालू होगी वाटर मेट्रो, जानिए कहां से कहां तक होगा परिचालन
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PATNA : जिलाधिकारी ने आज कुर्जी, दीघा एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा विभिन्न परियोजनाओं के लिए स्थल चिन्हित किया। जिलाधिकारी ने सबसे पहले पहलवान घाट के पास स्थल निरीक्षण किया। पटना में वर्ल्ड क्लास क्रूज टर्मिनल के निर्माण के लिए पहलवान घाट के पास निरीक्षण के दौरान दो एकड़ जमीन चिन्हित की गई। जिलाधिकारी ने दीघा घाट में कम्युनिटी जेटी के लिए जमीन चिन्हित किया। उन्होंने कहा कि कुर्जी में शिप रिपेयर केन्द्र के लिए 5 एकड़ जमीन पहले ही भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) को उपलब्ध कराया जा चुका है। 

जिलाधिकारी ने कहा कि वर्ल्ड क्लास क्रूज टर्मिनल का निर्माण एक महत्वपूर्ण परियोजना है। भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा इस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। आज निरीक्षण के क्रम में 2 एकड़ जमीन चिन्हित किया गया। यह एक अत्याधुनिक टर्मिनल होगा। इसके बन जाने से पटना रिवर क्रूज के लिए बहुत बड़े हब के तौर पर जाना जाएगा। साथ ही इससे नदी-आधारित आर्थिक विकास में भी प्रगति आएगी और अन्तर्देशीय जलमार्ग परिवहन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर भी सुदृढ़ होगा। जलमार्ग के विकास से लोगों को परिवहन के लिए पर्यावरण-अनुकूल माध्यम भी प्राप्त होगा।

 जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार पटना के विकास के लिए तत्पर है और सैकड़ों की संख्याओं में यहां विकास योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। काफी बड़ी संख्या में सड़क, पुल, फ्लाईओवर इत्यादि का निर्माण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि वाटर मेट्रो भी इसी माह शुरू किए जाने की योजना है। इसके लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। आईडब्ल्यूएआई के साथ इस संबंध में नियमित तौर पर बैठक की जा रही है। वाटर मेट्रो प्रारंभ में दीघा से कंगन घाट तक संचालित होगा। भविष्य में इसे आगे भी विस्तारित किया जाएगा। पटना में शिप रिपेयर केन्द्र बनने से जहाजों की संख्या में वृद्धि होगी। लोगों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।