राजद - कांग्रेस की राह होगी अलग! बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, अब मचेगा बवाल

राजद - कांग्रेस की राह होगी अलग!  बैठक में लिया गया बड़ा फैसला, अब मचेगा बवाल
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बिहार की राजनीति में कांग्रेस एक बार फिर आत्ममंथन के दौर में है। वर्षों से सहयोगी दलों के सहारे सियासी मैदान में टिके रहने वाली कांग्रेस के भीतर अब यह सवाल तेज़ हो गया है कि क्या पार्टी को अपनी पहचान और ज़मीन वापस पाने के लिए अपने दम पर उतरना चाहिए? दिल्ली में हुई ताज़ा बैठक के बाद यह बहस खुलकर सामने आ गई है, जहां पार्टी के नेताओं ने बिना झिझक मौजूदा गठबंधनों पर सवाल खड़े किए और बिहार में नई रणनीति की जरूरत पर ज़ोर दिया।

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वहीं,दिल्ली में हुई कांग्रेस की इस अहम बैठक में बिहार को लेकर साफ़-साफ़ बातें हुईं। राहुल गांधी ने दो टूक कहा कि अब बिहार कांग्रेस के नेताओं को खुद जिम्मेदारी उठानी होगी। सिर्फ़ दिल्ली से निर्देश मिलने से कुछ नहीं होगा, ज़मीन पर उतरकर मेहनत करनी पड़ेगी और बिहार के नेताओं को ही पार्टी के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करना होगा।

बैठक में उन खबरों को भी सिरे से खारिज किया गया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि नव-निर्वाचित कांग्रेस विधायक पार्टी छोड़ने वाले हैं। पार्टी नेताओं ने साफ कहा कि ये सभी खबरें बेबुनियाद हैं। गौरतलब है कि हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को महज़ छह सीटों पर जीत मिली थी।

इसी बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विधायकों और पदाधिकारियों के सामने बड़ा सवाल रखा—क्या बिहार में आगे राजद के साथ गठबंधन में रहना चाहिए या फिर कांग्रेस को अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहिए? इस पर मौजूद सभी कांग्रेस विधायकों ने राजद के साथ आगे की राजनीति के खिलाफ राय दी। विधायकों का कहना था कि राजद के साथ चुनाव लड़ने से कांग्रेस की छवि को नुकसान हुआ और इसी वजह से पार्टी को कम सीटें मिलीं।

यह बैठक खड़गे के आवास पर हुई थी, जिसमें राहुल गांधी के साथ संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार भी मौजूद थीं। बिहार के सभी नव-निर्वाचित विधायक और कई वरिष्ठ नेता भी बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया से कहा कि कांग्रेस विधायकों के पार्टी छोड़ने की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं और बैठक में सभी विधायक मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक सांसद पप्पू यादव पहले खड़गे के आवास पहुंचे थे, लेकिन शुरुआती सूची में नाम न होने की वजह से लौट गए। बाद में कांग्रेस नेताओं से बातचीत के बाद वे दोबारा बैठक में शामिल होने पहुंचे।