Republic Day 2026: तेजस्वी के आवास पर लालू यादव ने फहराया तिरंगा, खुद तेजस्वी रहे नदारद—पटना में रहकर कहां हैं नेता प्रतिपक्ष?

77वें गणतंत्र दिवस पर लालू यादव ने राबड़ी और तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर तिरंगा फहराया। तेजस्वी यादव खुद न तो राजद कार्यालय में नजर आए, न राबड़ी आवास पर और न अपने सरकारी आवास पर। पिछले साल भी तेजस्वी के आवास पर झंडा उनके भाई तेज प्रताप ने फहराया था। पार्टी में हाल ही में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी की यह गैरमौजूदगी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी हुई है।

Republic Day 2026: तेजस्वी के आवास पर लालू यादव ने फहराया तिरंगा, खुद तेजस्वी रहे नदारद—पटना में रहकर कहां हैं नेता प्रतिपक्ष?
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पटना। 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के भीतर सियासी हलचल देखने को मिली। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सबसे पहले राबड़ी आवास पर झंडोत्तोलन किया, इसके बाद वे पोलो रोड स्थित नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पहुंचे और वहां भी तिरंगा फहराया।इस दौरान राजद के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, लेकिन नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव खुद कहीं नजर नहीं आए, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

पटना में रहकर भी क्यों गायब रहे तेजस्वी?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि तेजस्वी यादव पटना में मौजूद होने के बावजूद न तो राजद कार्यालय में झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल हुए,न ही राबड़ी आवास पहुंचे और न ही अपने सरकारी आवास पर दिखे। ऐसे में सवाल उठ रहा है—आखिर तेजस्वी यादव गणतंत्र दिवस के दिन कहां थे?

पिछले साल भी नहीं किया था झंडोत्तोलन

गौरतलब है कि 2025 में भी तेजस्वी यादव ने अपने सरकारी आवास पर झंडोत्तोलन नहीं किया था। उस समय बिहार यात्रा पर होने के कारण उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने झंडा फहराया था।हालांकि अब तेज प्रताप यादव पार्टी और परिवार दोनों से निष्कासित हो चुके हैं, ऐसे में इस बार लालू यादव खुद तेजस्वी के आवास पहुंचे और झंडोत्तोलन किया।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बड़ी गैरमौजूदगी

खास बात यह भी है कि महज एक दिन पहले ही तेजस्वी यादव को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में पार्टी के सबसे अहम संवैधानिक पर्व पर उनकी गैरमौजूदगी को हल्के में नहीं लिया जा रहा।अब सवाल यही है—क्या यह सिर्फ निजी कारण है?या फिर इसके पीछे कोई सियासी रणनीति?फिलहाल तेजस्वी यादव की चुप्पी और उनकी गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।