11 फायर हाइड्रेट से पटना बनेगा सुरक्षित शहर, नगर निगम ने दी मंजूरी

पटना नगर निगम ने राजधानी की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर के विभिन्न इलाकों में 11 फायर हाइड्रेट लगाने की योजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर लगभग 1.23 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से लागू किया जाएगा। कंकड़बाग, बांकीपुर और नूतन राजधानी अंचलों के घनी आबादी वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में फायर हाइड्रेट लगाए जाएंगे, जिससे आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों को तुरंत पानी मिल सकेगा और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।

11 फायर हाइड्रेट से पटना बनेगा सुरक्षित शहर, नगर निगम ने दी मंजूरी
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पटना।राजधानी पटना में आग लगने की घटनाओं से निपटने और शहरवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पटना नगर निगम ने एक अहम और दूरगामी कदम उठाया है। नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की हालिया बैठक में शहर के विभिन्न संवेदनशील और घनी आबादी वाले इलाकों में 11 फायर हाइड्रेट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह योजना आपदा प्रबंधन विभाग के सहयोग से लागू की जाएगी।नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि फायर हाइड्रेंट की स्थापना से आग लगने की स्थिति में दमकल वाहनों को तुरंत और पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, जिससे आग पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सकेगा और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।

प्रोजेक्ट की लागत और तकनीकी जानकारी

एक फायर हाइड्रेंट की स्थापना पर करीब 11 लाख 23 हजार रुपये खर्च होंगे, जबकि पूरी परियोजना पर अनुमानित लागत लगभग 1.23 करोड़ रुपये है। फायर हाइड्रेंट सीधे मुख्य जलापूर्ति लाइन से जुड़ा होगा और आग लगने की स्थिति में दमकल कर्मी इसके माध्यम से तुरंत भारी मात्रा में पानी प्राप्त कर सकेंगे। इससे पहले कई इलाकों में पानी की कमी के कारण आग बुझाने में देरी होती रही है, लेकिन यह समस्या अब काफी हद तक दूर होगी।

कहां-कहां लगाए जाएंगे फायर हाइड्रेंट

  • कंकड़बाग अंचल: 6 स्थान—वार्ड 29, वार्ड 34, वार्ड 35, वार्ड 44, वार्ड 46 और पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के आसपास।
  • बांकीपुर अंचल: 3 स्थान—सैदपुर हॉस्टल के पास, लोहानीपुर आंबेडकर कॉलोनी, काजीपुर रोड नंबर-2।
  • नूतन राजधानी अंचल: 2 स्थान—नेहरू नगर टैक्स भवन कार्यालय रोड के पास, अदालतगंज-अमरनाथ रोड के बीच।
  • इसके अलावा जक्कनपुर थाना रोड पर आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय और चाणक्य नेशनल यूनिवर्सिटी के बीच भी एक फायर हाइड्रेंट स्थापित किया जाएगा।

महत्व और प्रभाव

फायर हाइड्रेंट स्थापित होने के बाद पटना शहर आग जैसी आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनेगा। खासकर घनी आबादी, स्कूल-कॉलेज परिसरों और स्लम इलाकों में इसका बड़ा महत्व होगा। यह परियोजना पटना को एक सुरक्षित और आपदा-संवेदनशील शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है