पटना से हाजीपुर की दूरी अब होगी मिनटों में तय, दिसंबर 2026 तक बन जाएगा ये फोर लेन सेतु
करीब साढ़े चार दशक पहले एनएच-19 पर बने महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक दबाव बढ़ जाने से इसके समानान्तर अतिरिक्त फोर लेन ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया। भारत सरकार की अनुशंसा पर दोनों तरफ से 14.5 लंबी सड़क को जोड़ते हुए 5.5 किमी लंबा ब्रिज निर्माण का कार्य पथ निर्माण विभाग ने 2021 में शुरू किया। ब्रिज निर्माण का काम एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण का कार्य करीब 60 फीसदी अब पूरा हो चुका है। जिस रफ्तार में निर्माण कार्य की प्रगति है, दिसंबर 2026 तक पुल निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा।
PATNA : राजधानी पटना से हाजीपुर के बीच आवागमन करने वाले लोगों के लिए काफी राहत भरी खबर है। ऐसे लोगों को अब महात्मा गांधी सेतु पर घंटों जाम से जूझने की समस्या से जल्द छुटकारा मिल जाएगा। पथ निर्माण विभाग की ओर से इस सेतु के समानान्तर बनाए जा रहे अतिरिक्त फोर लेन ब्रिज का निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा करने का दावा किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस अतिरिक्त ब्रिज के बन जाने से उत्तर से दक्षिण बिहार के बीच की यातायात सुगम होगी। साथ ही गांधी सेतु पर घंटों जाम में फंसे रहने की समस्या से भी लोगों को स्थाई रूप से छुटकारा मिलेगा।
करीब साढ़े चार दशक पहले एनएच-19 पर बने महात्मा गांधी सेतु पर ट्रैफिक दबाव बढ़ जाने से इसके समानान्तर अतिरिक्त फोर लेन ब्रिज बनाने का निर्णय लिया गया। भारत सरकार की अनुशंसा पर दोनों तरफ से 14.5 लंबी सड़क को जोड़ते हुए 5.5 किमी लंबा ब्रिज निर्माण का कार्य पथ निर्माण विभाग ने 2021 में शुरू किया। ब्रिज निर्माण का काम एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा गया। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण का कार्य करीब 60 फीसदी अब पूरा हो चुका है। जिस रफ्तार में निर्माण कार्य की प्रगति है, दिसंबर 2026 तक पुल निर्माण का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इस पुल से राजधानी पटना समेत जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, नालंदा, नवादा आदि जिलों का उत्तर बिहार से और छपरा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सारण, सीवान, गोपालगंज आदि जिलों का दक्षिण बिहार से यातायात की सुविधा आसान हो जाएगी।
काफी पुराना हो चुके महात्मा गांधी सेतु की स्थिति को देखते हुए कुछ वर्ष पहले इसके सुपर स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया था। यह फोरलेन ब्रिज अब पूरी तरह से सुरक्षित और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने वाली है। इसके बाद भी गांधी सेतु पर वाहनों का काफी दबाव बढ़ गया था। इस समस्या से लोगों को स्थाई छुटकारा दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने गांधी सेतु के समानान्तर फोर लेन ब्रिज बनाने का सुझाव दिया था। इसके लिए सरकार ने 2926.42 करोड़ का बजट भी स्वीकृत किया।
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