Patna Fintech City: 409 करोड़ की फिनटेक सिटी से बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा, 242 एकड़ में बनेगा आधुनिक वित्तीय हब

पटना के जैतिया क्षेत्र में 409 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बिहार की पहली फिनटेक सिटी अब जमीन पर उतरने लगी है। 242 एकड़ में विकसित

Patna Fintech City: 409 करोड़ की फिनटेक सिटी से बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा, 242 एकड़ में बनेगा आधुनिक वित्तीय हब
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पटना। बिहार की पहली फिनटेक सिटी अब केवल एक प्रस्ताव नहीं रही, बल्कि जमीनी हकीकत बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। करीब 409 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे और परियोजना की प्रगति व भूमि स्थिति की समीक्षा की गई।

डीएम के साथ कार्यपालक दंडाधिकारी सुनील कुमार, फतुहा अंचलाधिकारी मुकेश कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जमीन से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।

242 एकड़ में विकसित होगी बिहार की पहली फिनटेक सिटी

प्रस्ताव के मुताबिक, पटना के जैतिया क्षेत्र में 242 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक फिनटेक सिटी विकसित की जाएगी। यहां देश और विदेश की नामी फाइनेंशियल कंपनियां, फिनटेक स्टार्टअप्स और कॉर्पोरेट संस्थान अपने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यालय स्थापित करेंगे।इसके साथ ही फिनटेक सिटी से सटे 105 एकड़ क्षेत्र में एक बड़ा लॉजिस्टिक पार्क भी विकसित किया जाएगा, जिससे व्यापार, सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को मजबूती मिलेगी वही रोजगार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। 

प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के शुरू होने से:

  • बिहार में डिजिटल फाइनेंस और निवेश को बढ़ावा मिलेगा
  • हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे
  • राज्य को एक नई आईटी-फाइनेंशियल पहचान मिलेगी
  • फिनटेक सिटी को भविष्य में स्टार्टअप हब के रूप में भी विकसित करने की योजना है।

जमीन अधिग्रहण पर किसानों ने जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान आसपास के गांवों के किसान भी मौके पर पहुंचे और अपनी आपत्तियां डीएम के समक्ष रखीं। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन पर बिना पूर्व सूचना के अधिग्रहण के निशान लगाए गए हैं, जिससे ग्रामीणों में असंतोष है।किसानों ने मांग की कि उनकी जमीन को कृषि भूमि के बजाय आवासीय श्रेणी में आंका जाए, क्योंकि क्षेत्र में पहले से रिहायशी विकास हो चुका है। किसानों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उन्हें न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिला, तो वे विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

DM का भरोसा—किसानों के हितों से समझौता नहीं

डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी, पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उन्होंने कहा कि सभी किसानों को नियमानुसार उचित और अधिकतम मुआवजा दिया जाएगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।जैतिया में प्रस्तावित फिनटेक सिटी को बिहार के आर्थिक बदलाव की नींव माना जा रहा है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर उठ रहे सवाल इस मेगा प्रोजेक्ट के सामने पहली बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं।