टेक्नोलॉजी हब बनेगा बिहार: डिजिटल तारामंडल से लेकर AI–डेटा साइंस तक, नई परियोजनाओं को मिली हरी झंडी
बिहार में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए तीन जिलों में डिजिटल तारामंडल, बगहा में राजकीय पॉलिटेक्निक और एनआईटी पटना में इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी गई है। साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेजों में AI, डेटा साइंस और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं।
बिहार| बिहार में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नए वित्तीय वर्ष में राज्य के तीन जिलों में डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही बगहा में राजकीय पॉलिटेक्निक और एनआईटी पटना में अत्याधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर का निर्माण भी किया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं से राज्य में तकनीकी शिक्षा, शोध और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी विकास विभाग के अनुसार, पूर्वी चंपारण, जमुई और पूर्णिया जिलों में डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार की सहायता से कुल 39 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनका निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में शुरू करने की तैयारी है। इन केंद्रों के माध्यम से छात्रों को खगोल विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी।
इसी क्रम में पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में 73.04 करोड़ रुपये की लागत से एक राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। यह पॉलिटेक्निक क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य भी वर्ष 2026-27 में आरंभ किया जाएगा।
स्टार्टअप और तकनीकी नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एनआईटी पटना में 47.76 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा। यह सेंटर राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों और एनआईटी पटना से जुड़े स्टार्टअप्स को तकनीकी मार्गदर्शन, लीगल डॉक्यूमेंटेशन सपोर्ट, नेटवर्किंग और बिजनेस कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इससे बिहार में स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा राज्य के अभियंत्रण महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, थ्रीडी एनिमेशन और ग्राफिक्स जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन पहलों से बिहार के छात्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सकेंगे।
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