बिहार में मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना का चौथा चरण शुरू, डेढ़ लाख प्रतिमाह तक कमाने का गोल्डन चांस
बिहार में मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (CMFS) के चौथे चरण के लिए आवेदन 16 से 31 जनवरी तक होंगे। आईआईएम बोधगया 121 फेलो का चयन करेगा, जिन्हें दो वर्ष तक प्रशासनिक और नीति निर्माण से जोड़ा जाएगा। चयनित फेलो को अनुभव के आधार पर 80 हजार से 1.50 लाख रुपये तक मासिक मानदेय मिलेगा और फेलोशिप पूरी होने पर आईआईएम बोधगया व बिहार सरकार से प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।
CMFSBihar:बिहार सरकार की मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (CMFS) का चौथा चरण शुरू होने जा रहा है। इस चरण के लिए आवेदन 16 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं। आईआईएम बोधगया कुल 121 योग्य फेलो का चयन करेगा, जिन्हें राज्य सरकार के नीति निर्माण और प्रशासनिक कार्यों से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

योजना का उद्देश्य और प्रशिक्षण
आईआईएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सिंह सहाय के अनुसार, इस योजना का मकसद प्रतिभाशाली और अनुभवी युवाओं को शासन की नीतियों के निर्माण, क्रियान्वयन और मूल्यांकन से जोड़ना है, ताकि प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार आए और राज्य का विकास तेज़ हो।
चयनित फेलो को पहले आईआईएम बोधगया में 40 दिनों का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा। इसके बाद उन्हें नगर निगम, जिला समाहरणालय, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सचिवालय, विकास आयुक्त कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय, उपमुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्य करने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री सचिवालय में कुल चार फेलो की तैनाती की जाएगी।
फेलो को अनुभव और योग्यता के आधार पर 80,000 से 1,50,000 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा:
- न्यूनतम 3 वर्ष अनुभव – 80,000 रुपये
- 6 वर्ष अनुभव – 1,00,000 रुपये
- 8 वर्ष अनुभव – 1,25,000 रुपये
- 10 वर्ष अनुभव – 1,50,000 रुपये
- फेलोशिप की अवधि और प्रमाण-पत्र
फेलोशिप की अवधि दो वर्ष है। पूरा होने पर प्रतिभागियों को आईआईएम बोधगया से ‘लोक नीति एवं सुशासन’ में पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण-पत्र और बिहार सरकार की ओर से कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
आवेदन योग्यताएँ
- केवल बिहार के मूल निवासी आवेदन कर सकते हैं।
- अधिकतम आयु 45 वर्ष।
यह फेलोशिप उन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर है, जो प्रशासनिक क्षेत्र में अनुभव चाहते हैं और नीति निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहते हैं।
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