तेजस्वी ऐंड कंपनी की जागीर बनी राजद, परिवार की लड़ाई में तेजस्वी की जीत: डॉ. निखिल आनंद
भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. निखिल आनंद ने तेजस्वी यादव को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह फैसला राजद के पारिवारिक चरित्र को उजागर करता है और अब पार्टी “तेजस्वी ऐंड कंपनी” की जागीर बन चुकी है। निखिल आनंद का दावा है कि विधानसभा चुनाव के बाद राजद अपना जनाधार खो चुकी है और पार्टी के भीतर भारी कलह है। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव ने रणनीतिक रूप से तेज प्रताप यादव और रोहिणी आचार्य को हाशिये पर डालकर परिवार और पार्टी पर कब्जा जमाया। साथ ही उन्होंने कहा कि राजद में संगठन और विचारधारा का अभाव है और पार्टी अब सिर्फ पारिवारिक विरासत व अवैध फंडिंग के सहारे चल रही है।
पटना:भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ० निखिल आनंद ने बयान जारी करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का राजद का निर्णय एक परिवार की पार्टी का स्वाभाविक निर्णय है। राजद अब तेजस्वी ऐंड कंपनी की जागीर बन जाएगी जिसका अब भगवान ही मालिक होगा। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद राजद पहले ही अपना जनाधार एवं राजनीतिक वजूद खो चुका है और परिवार एवं पार्टी में कलह की स्थिति है। राजद के विधायक, नेता और कार्यकर्ता तेजस्वी यादव और उनकी टीम के मनमानेपन पर सवाल उठा रहे हैं। राजद में विक्षोभ के कारण विधायक दल और संगठन के टूटकर भाजपा एवं जदयू में विलय होने की अटकलें तेज है।
निखिल आनंद ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान, हमसभी ने देखा कि तेजस्वी ने अपने पूर्व मुख्यमंत्री माता-पिता लालू यादव - राबड़ी देवी को पोस्टरों से हटा दिया और उन्हें प्रचार किए बगैर घर बैठने पर मजबूर कर दिया। तेजस्वी ने पार्टी और परिवार की व्यवस्था पर पूरी तरह हावी होने के लिए रणनीतिक रूप से तेज प्रताप और रोहिणी आचार्य को बाहर करवा दिया। अब तेजस्वी यादव के दबाव में, लालू परिवार ने अब उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है और बाद में उन्हें पार्टी का पूर्ण अध्यक्ष घोषित किया जाएगा।

निखिल ने कहा, "राजद में कोई संगठन या विचारधारा नहीं है लेकिन यह पार्टी पारिवारिक राजनीतिक विरासत, धन- संपत्ति और पार्टी के अवैध कारोबार एवं धोखाधड़ी के फंड से वित्तीय संग्रह को बनाए रखने के लिए ही अब वजूद में है। राजद में कुछ भी बदलाव नहीं होगा सिवाय इसके कि पुरानी शराब की बोतल पर नया लेबल लगा दिया गया है।''
pragatisharma3959