भागलपुर: छात्र आंदोलन के समर्थन में मौन जुलूस, 'संवाद चाहिए, दमन नहीं'
भागलपुर में छात्र आंदोलन के समर्थन में निकला विशाल मौन जुलूस! गांधी विचार विभाग से स्टेशन चौक तक बिना नारेबाजी बैनर-तख्तियां लेकर चले नागरिक, शिक्षक व बुद्धिजीवी। पढ़ें पूरी खबर।
भागलपुर: देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भागलपुर के नागरिकों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी एकजुटता दिखाई है। शनिवार को शहर में एक विशाल मौन जुलूस का आयोजन किया गया, जिसमें बिना किसी नारेबाजी के शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात सरकार और प्रशासन के सामने रखी गई। यह मौन जुलूस तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय स्थित गांधी विचार विभाग में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष से प्रारंभ हुआ। इसके बाद प्रतिभागी शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर स्टेशन चौक पहुंचे, जहां डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास जुलूस का शांतिपूर्ण समापन हुआ।
पूरे जुलूस के दौरान अनुशासन बना रहा। प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के अधिकारों को लेकर संदेश लिखे थे।
बैनरों पर दर्ज प्रमुख संदेश:
"शिक्षा हमारा अधिकार है, दमन नहीं संवाद चाहिए"
"लाठीचार्ज बंद करो, छात्रों पर दमन बंद करो"
"शिक्षा, समानता और न्याय हमारा संकल्प"
"दमन नहीं, संवाद का रास्ता अपनाए सरकार"
आयोजकों और वक्ताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के साथ-साथ छात्रों की जायज मांगों को आवाज देने के लिए था। उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और बल प्रयोग के बजाय संवाद स्थापित करना चाहिए।
जुलूस की संवेदनशीलता को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जगह-जगह सुरक्षा बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों की मौजूदगी में पूरा कार्यक्रम बिना किसी बाधा के अत्यंत शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन पर आयोजकों ने शामिल हुए सभी नागरिकों और छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।