चलते-फिरते आईसीयू जैसी एएलएस एंबुलेंस बिहार के हर जिले में होगी उपलब्ध

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग ने उठाए महत्वपूर्ण कदम

चलते-फिरते आईसीयू जैसी एएलएस एंबुलेंस बिहार के हर जिले में होगी उपलब्ध
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पटना, 5 मार्च। राज्य के प्रत्येक जिले में एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता प्रदान कर गोल्डन ऑवर में मरीजों की जान बचाने की मंशा से लागू की जा रही है। सुविधा के लागू होने से दिल का दौरा, सांस लेने में तकलीफ के साथ दूसरी बीमारियों से जूझ रहे गंभीर मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। 

क्रिटिकल मरीजों के लिए संजीवनी       

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि एनडीए सरकार के नेतृत्व में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त और आधुनिक बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य के सभी जिलों में एएलएस एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह एम्बुलेंस गंभीर रूप से बीमार या घायल मरीजों के लिए एक चलते-फिरते आईसीयू (आईसीयू) की तरह है। 

       

उन्होंने बताया कि अभी तक मेडिकल कॉलेज तक ही एमआरआई मशीन की सुविधा उपलब्ध है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र और छोटे जिलों के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। समस्या को देखते हुए ही जिला और प्रखंड स्तर पर एएलएस एंबुलेंस संचालित करने का निर्णय लिया गया है। जीवन रक्षक सुविधाओं से लैस इस एंबुलेंस से गंभीर मरीजों को उच्चतर अस्पतालों तक सुरक्षित पहुंचाया जा सकेगा।

एंबुलेंस में वेंटिलेटर, कॉर्डियक मॉनीटर से डिफिब्रिलेटर तक की सुविधा

एएलएस एंबुलेंस में वेंटिलेटर, कार्डियक मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर और जीवन रक्षक दवाएं जैसे उन्नत उपकरण लगे हुए हैं। यह सभी उपकरण उच्च प्रशिक्षित पैरामेडिक्स और डॉक्टरों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। एंबुलेंस में दुर्घटना के शिकार और गंभीर बीमारी से जूझ रहे दूसरे मरीजों को अस्पताल पहुंचने तक इलाज की वह सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी जो उनकी जीवनरक्षा के लिए कारगर हैं।

राज्य में पहले से 1941 एंबुलेंस, 124 और बढ़ाने की तैयारी 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आपातकालीन एवं सरकारी अस्पतालों में मरीजों के आवागमन के लिए निःशुल्क रेफरल ट्रांसपोर्ट (एंबुलेंस) की सुविधा है। बीमारी, दुघर्टना या फिर अन्य किसी आपतकालीन स्थिति में मरीज के इलाज के लिए टोल फ्री नंबर 102 के माध्यम से निशुल्क एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मौजूदा समय में राज्य में 1941 एंबुलेंस संचालित हैं।  जल्द ही 124 अतिरिक्त एंबुलेंस की सेवा बढ़ाई जाएगी। इसके बाद राज्य में एंबुलेंस की संख्या 2065 हो जाएगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में 14 लाख 30 हजार 373 और वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनवरी तक 15 लाख 94 हजार 220 मरीजों ने सरकारी एंबुलेंस सेवा का मुफ्त लाभ उठाया है। पटना से कुमार गौतम की रिपोर्ट