अगर आप भी बना रहे है कैलाश मानसरोवर यात्रा की योजना तोह जान ले यह बातें

कैलाश मानसरोवर यात्रा की योजना बनाने के लिए ज़्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में जाने, परमिट लेने और खास फ़िटनेस ज़रूरतों को पूरा करने की ज़रूरत होती है।

अगर आप भी बना रहे है कैलाश मानसरोवर यात्रा की योजना तोह जान ले यह बातें
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भारत से इस यात्रा पर जाने के लिए, आपको विदेश मंत्रालय (MEA) के ज़रिए सरकारी रूट या नेपाल के रास्ते प्राइवेट, अधिकृत हेलीकॉप्टर/ज़मीनी रूट में से किसी एक को चुनना होगा।

स्टेप 1: अपना रूट चुनें:-

इस यात्रा के लिए चीन के तिब्बत ऑटोनॉमस रीजन में जाना होता है, जिसका मतलब है कि आपको खास परमिट और वीज़ा की ज़रूरत होगी।

अपने समय और बजट के हिसाब से सबसे सही रूट चुनें:

सरकारी रूट (MEA): यह जून और सितंबर के बीच लिपुलेख दर्रे (उत्तराखंड) या नाथू ला दर्रे (सिक्किम) से आयोजित किया जाता है। 22 दिन की इस यात्रा का खर्च प्रति व्यक्ति लगभग ₹1.74 लाख से ₹2.83 लाख आता है।

प्राइवेट/हेलीकॉप्टर रूट: ऑपरेटर काठमांडू और नेपालगंज से 9 से 14 दिन का टूर प्लान देते हैं, जिसमें सिमिकोट तक फ़्लाइट और फिर तिब्बत में प्रवेश करने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल होता है।

एरियल दर्शन: कम बजट और कम शारीरिक मेहनत वाले 3 दिन के विकल्प के लिए, आप नेपाल से एरियल दर्शन (फ़्लाइट से नज़ारा देखना) चुन सकते हैं।

स्टेप 2: योग्यता की जाँच करें और दस्तावेज़ तैयार करें:-

सरकारी या प्राइवेट टूर के लिए योग्य होने के लिए, आपको ये शर्तें पूरी करनी होंगी: 18 से 70 साल की उम्र के भारतीय नागरिक हों। कम से कम 6 महीने की वैलिडिटी वाला वैध भारतीय पासपोर्ट हो। बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 25 या उससे कम हो। आपको वैध पासपोर्ट, मेडिकल फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट और चीन ग्रुप वीज़ा/तिब्बत ट्रैवल परमिट की ज़रूरत होगी।

स्टेप 3: आवेदन प्रक्रिया:-

सरकारी रूट: रजिस्ट्रेशन भारत सरकार द्वारा किया जाता है। रजिस्ट्रेशन विंडो खुलने पर आपको आधिकारिक MEA पोर्टल के ज़रिए आवेदन करना होगा।

प्राइवेट रूट: अगर आप प्राइवेट टूर चुनते हैं, तो किसी अधिकृत टूर ऑपरेटर से संपर्क करें। वे आपके लिए वीज़ा, लॉजिस्टिक्स और परमिट की प्रक्रिया संभालेंगे।

स्टेप 4: मेडिकल और शारीरिक तैयारी:-

क्योंकि माउंट कैलाश 19,000 फ़ीट से ज़्यादा ऊंचाई पर है, इसलिए इसके लिए अच्छी शारीरिक तैयारी की ज़रूरत होती है।

डॉक्टर से सलाह लें: अच्छी तरह से मेडिकल जांच करवाएं ताकि यह पक्का हो सके कि आपको दिल, फेफड़े या ब्लड प्रेशर की कोई समस्या नहीं है।

ट्रेनिंग: यात्रा से कम से कम 2-3 महीने पहले फ़िटनेस रूटीन (कार्डियो, जॉगिंग और सीढ़ियां चढ़ना) शुरू करें और गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज़ का अभ्यास करें।

स्टेप 5: ज़रूरी सामान :- आपको ऊंचाई वाले इलाकों के लिए मज़बूत और सही सामान की ज़रूरत होगी, जैसे: थर्मल इनरवेयर, हवा और पानी से बचाने वाली जैकेट और मज़बूत ट्रेकिंग बूट्स। ज़्यादा ऊंचाई पर होने वाली बीमारी (जैसे, डायमॉक्स) के लिए डॉक्टर की सलाह वाली दवाएं और एक पूरी फ़र्स्ट-एड किट। तेज़ रोशनी से बचने के लिए UV-प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस और तेज़ असर वाली सनस्क्रीन। NBC 24 के लिए Afeefa Nizami की खबर।