मछली उत्पादन में भोजपुर का कमाल: आरा के कृषि भवन में मना 'विशेष मछुआरा दिवस 2026', प्रगतिशील किसान हुए सम्मानित।
आरा के कृषि भवन में विशेष मछुआरा दिवस 2026 का आयोजन। भोजपुर में मछली उत्पादन बढ़ाने और 'हाइपोफिजेशन' तकनीक पर हुई चर्चा। मत्स्य पालक हुए सम्मानित।
आरा के कृषि भवन के सभागार में जिला मत्स्य कार्यालय के द्वारा विशेष मछुआरा दिवस 2026 के अवसर पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भोजपुर जिले के मत्स्य उत्पादन में हुई गुणात्मक बढोत्तरी, विभागीय योजनाओ इत्यादि की संक्षिप्त चर्चा की गयी। साथ ही मछुआरा भाई एवं प्रगतिशील मत्स्य कृषको को इस अवसर पर शुभकामना दिया गया।
गौरतलब है कि राज्य में प्रतिवर्ष 10 जुलाई को विशेष मछुआरा दिवस मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1957 में उड़ीसा के अंगुल में प्रोफेसर डॉ. हीरालाल चौधरी और उनके सहयोगी डॉ. अलीकुन्ही द्वारा मेजर कार्प प्रजातियों में प्रेरित प्रजनन की ऐतिहासिक सफलता की स्मृति में मनाया जाता है। इस तकनीक को 'हाइपोफिजेशन' कहा जाता है, जो भारतीय मत्स्य पालन के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन का प्रतीक बनी। इसी उपलब्धि के सम्मानय में प्रतिवर्ष यह दिवस मत्स्यपालकों और मछुआरों के योगदान को सम्मानित करने, जल संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने तथा जागरूकता हेतु मनाया जाता है।
समारोह में जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उधान पदाधिकारी, माननीय जनप्रतिनिधिगण एवं भोजपुर के प्रखंडस्तरीय मत्स्यजीवी सहयोग समिति के मंत्री अध्यक्ष, सदस्यगण, मत्स्य कृषक, विभिन विभागीय पदाधिकारी एवं अन्य हितधारक द्वारा भाग लिया गया।